प्रजनन क्षमता की जांच को लेकर बदल रही पुरुषों की मानसिकता : डॉ. विनीता कुमारी

झारखंड सेहत
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  • सही समय पर जांच और इलाज से बढ़ती है माता-पिता बनने की संभावना

रांची। प्रजनन क्षमता की जांच को लेकर पुरुषों की मानसिकता बदल रही है। सही समय पर जांच और इलाज कराने से दंपति‍यों में माता-पिता बनने की संभावना भी बढ़ती है। उक्‍त बातें विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ की सेंटर हेड डॉ. विनीता कुमारी ने सोमवार को मीडियो से कही।

डॉ वनिता ने कहा कि पांच साल पहले तक पुरुषों में यह धारणा थी कि महिलाओं में कमी के कारण ही वे मां नहीं बन पा रही है। इसके लिए वे अपनी जांच कराते ही नहीं थी। अब यह धारणा बदली है। करीब 10 में से 8 पुरुष अब अपने प्रजनन क्षमता की भी जांच करा रहे हैं।

डॉ विनीता ने कहा कि आज के समय में बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, बढ़ता मोटापा और देर से शादी व करियर की योजना बनाने के कारण फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। समय पर जांच और सही इलाज से कई दंपतियों को माता-पिता बनने का सपना पूरा करने में मदद मिल सकती है।

डॉ. विनिता ने बताया कि महिलाओं की प्रजनन क्षमता उम्र बढ़ने के साथ धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसलिए अगर कोई दंपति भविष्य में देर से बच्चा प्लान करना चाहता है, तो उसे समय रहते फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। सही समय पर सलाह लेने से इलाज के ज्यादा विकल्प मिलते हैं। संतान सुख की उम्‍मीद भी बढ़ जाती है।

डॉ विनीता ने बताया कि हर छह में से एक दंपति को फर्टिलिटी से जुड़ी परेशानी हो रही है। करीब 50 प्रतिशत मामलों में पुरुष भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। इसके बावजूद अक्सर पुरुष जांच कराने से बचते हैं। पूरा ध्यान महिलाओं की जांच पर ही दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सही इलाज के लिए पति और पत्नी, दोनों की जांच जरूरी है।

डॉ. विनिता ने बताया कि अगर दंपति समय पर डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तो आईवीएफ के अलावा भी कई दूसरे इलाज के विकल्प उपलब्ध होते हैं। इलाज में ज्यादा देरी होने पर विकल्प कम हो जाते हैं। कई बार आईवीएफ या अन्य उन्नत उपचार की जरूरत पड़ती है। इसलिए किसी भी परेशानी को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ ने लोगों से अपील की कि फर्टिलिटी से जुड़ी किसी भी समस्या को छिपाने या नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराएं। संस्थान ने भरोसा दिलाया कि वह वैज्ञानिक तरीके, व्यक्तिगत देखभाल और संवेदनशील उपचार के माध्यम से हर दंपति को माता-पिता बनने की यात्रा में पूरा सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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