

रांची। भारत अमृत महोत्सव श्रृंखला में सीएमपीडीआई मुख्यालय में सामाजिक दूरी का पालन करते हुए भारतरत्न बाबा साहब डॉ भीम राव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल को मनायी गई। इस मौके पर संस्थान के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एस सरन ने कहा कि भले ही एक संक्षिप्त कार्यक्रम के माध्यम से बाबा साहब की जयंती मनायी जा रही है, किंतु भारत अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता दिवस-2022 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सरन ने कहा कि बाबा साहब अम्बेदकर युगपुरूष, संविधान निर्माता थे। हमारे संविधान में विषम से विषम समस्याओं का समाधान समाहित है। यह हमारे संविधान की विशालता का परिचायक है। समयांतर/कालांतर में हमारे समाज में कुछ विसंगति एवं कुरीतियां आ जाने की वजह से जाति, वर्ण, वर्ग एवं अश्पृश्यता जैसी समस्या उत्पन्न हो गयी। हम लोगों को हमेशा दोहरी लड़ाई लड़नी पड़ी है। हमारा समाज जितना शिक्षित होगा, उतना ही समाज का विकास होगा। सामाजिक समरसता आएगी।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) एसके गोमास्ता ने कहा कि सामाजिक-आर्थिक उत्थान में बहुत लंबा समय लगता है। आरक्षण का प्रावधान इसी उद्देश्य से किया गया है। कोई भी बदलाव को स्वीकार करने में समाज को बहुत समय लगता है। हमारा समाज सच्चे अर्थो में मूल्य, आदर्श एवं करूणा से परिपूर्ण और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित है।
इसके पूर्व संस्थान के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, निदेशक (तकनीकी/सीआरडी) ने दीप प्रज्जवलित कर इस समारोह की शुरुआत की। बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर सिस्टा काउंसिल के प्रतिनिधि गोरेलाल पासवान, एसके रवि, कामेश्वर दास एवं अन्य ने अपने विचार रखें। मंच संचालन एवं धन्यवाद मुख्य प्रबंधक (कार्मिक) रास बिहारी ने किया।




