
नई दिल्ली। शारीरिक चुनौतियों और तमाम बाधाओं को मात देकर डॉक्टर बनने वाले डॉ. गणेश बारैया की कहानी आज देश भर के लिए प्रेरणा बन चुकी है। कभी एक सर्कस वाले ने उनके छोटे कद को देखकर उनके किसान पिता को 5 लाख रुपये देने का ऑफर दिया था, लेकिन पिता ने पैसों की बजाय बेटे की शिक्षा को चुना।
आज वही फैसला सही साबित हुआ है और गणेश अपनी मेहनत के दम पर डॉक्टर बन चुके हैं। हाल ही में उनकी यह प्रेरणादायक कहानी लोकप्रिय टीवी शो (KBC 18) के मंच पर भी गूंजी, जहां उन्होंने महानायक अमिताभ बच्चन के साथ शिरकत की।

गुजरात के भावनगर जिले के गोरखी गांव के रहने वाले डॉ. गणेश बारैया का जन्म बौनेपन (डार्फिज्म) के साथ हुआ था। उन्हें 72% लोकोमोटर विकलांगता है। उनके जीवन का पहला बड़ा मोड़ तब आया, जब बचपन में एक सर्कस समूह ने उनके छोटे कद के कारण उनके किसान पिता को 5 लाख रुपये की पेशकश की थी। हालांकि, उनके पिता ने उस प्रस्ताव को ठुकराते हुए गणेश को पढ़ाने का फैसला किया, जिसने आगे चलकर उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।
एडमिशन के लिए सुप्रीम कोर्ट गए
अड़चनों के बावजूद गणेश ने अकादमिक रूप से बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखा। 12वीं की परीक्षा में 87% अंक हासिल किए। नीट (NEET) परीक्षा में 233 अंक प्राप्त किए।
नीट पास करने के बाद उन्हें डॉक्टर बनने की उम्मीद थी, लेकिन जब मेडिकल बोर्ड ने उन्हें आपातकालीन (emergency) स्थितियों से निपटने में असमर्थ बताया, तो उन्हें एमबीबीएस कोर्स में दाखिला देने से इनकार कर दिया गया।
कॉलेज के प्रिंसिपल दलपत कटारिया के सहयोग से गणेश ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की और अक्टूबर 2018 में ऐतिहासिक जीत हासिल की। चूंकि उस वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया बंद हो चुकी थी, इसलिए उन्हें 2019 के बैच में दाखिला लेने की अनुमति मिली।
डॉक्टर बनकर लौटै अपने शहर
वर्ष, 2019 में गणेश ने सरकारी मेडिकल कॉलेज, भावनगर में दाखिला लिया। मेडिकल कॉलेज का सफर आसान नहीं था, लेकिन अपने सहपाठियों और मेंटर्स के समर्थन से उन्होंने एमबीबीएस और इंटर्नशिप पूरी की।
नवंबर 2025 में, गणेश ने भावनगर के सर तख्तसिंहजी जनरल अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। इस प्रकार वे उसी शहर में लोगों का इलाज कर रहे हैं, जहां उन्होंने कभी अपनी चिकित्सा की पढ़ाई पूरी की थी।
मंच पर साझा की अपनी कहानी
हाल ही में डॉ. गणेश बारैया ने अमिताभ बच्चन के शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ में हिस्सा लिया। शो के दौरान उन्होंने सर्कस के उस पुराने ऑफर, अपनी पढ़ाई और संघर्षों के बारे में खुलकर बात की।
खेल के दौरान 3 लाख रुपये के एक सवाल का गलत जवाब देने के बाद वे 25,000 रुपये की राशि जीतकर शो से बाहर आए। हालांकि, उनके लिए केबीसी की यह जीत उनके बचपन के सपने को पूरा करने और यह साबित करने की बड़ी सफलता का सिर्फ एक हिस्सा थी कि शारीरिक विकलांगता कभी भी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती।
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