रांची। इंडियन सोसाइटी ऑफ़ सॉइल साइंस के रांची चैप्टर ने शुक्रवार को रांची कृषि महाविद्यालय प्रेक्षागृह में विश्व मृदा दिवस मनाया। इस वर्ष का थीम ‘हेल्दी सॉइल साइंस फॉर हेल्दी सिटीज’ है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएयू के कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि हमें 90 प्रतिशत से अधिक भोजन मिट्टी के माध्यम से प्राप्त होता है। इसलिए मिट्टी के स्वास्थ्य संरक्षण, संवर्धन एवं सुपोषण के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। मिट्टी स्वस्थ एवं पोषणयुक्त रहेगी तभी उसे पोषक उपज प्राप्त हो पाएगी। इसके उपभोग से मानव एवं पशुओं का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।
मिट्टी विभाग के प्रभारी अध्यक्ष डॉ पीबी साहा ने कहा कि अम्लीय मिट्टी के सुधार के लिए उसे चूना से उपचारित करना जरूरी है। साथ ही, खेती के दौरान 50 प्रतिशत केमिकल फर्टिलाइजर और 50 प्रतिशत कंपोस्ट का इस्तेमाल करना चाहिए, इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी।
उद्घाटन सत्र में वानिकी संकाय के डीन डॉ एमएस मलिक, निदेशक अनुसंधान डॉ पीके सिंह, डॉ एसबी कुमार और डॉ अरविन्द कुमार ने भी अपने विचार रखे।
तकनीकी सत्र में डॉ प्रभाकर महापात्र, डॉ आशा कुमारी सिंह, डॉ एनसी गुप्त और भूपेंद्र कुमार ने मृदा स्वास्थ्य, प्रबंधन एवं पोषण के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
आयोजन में कृषि संकाय के शिक्षकों और पीजी विद्यार्थियों के अलावा संत जोसेफ स्कूल, कांके के लगभग 200 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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