Bihar: पटना में नीट छात्रा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी

बिहार देश
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पटना। बड़ी खबर बिहार की राजधानी पटना से आई है। नीट छात्रा की मौत का मामला अब सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया है।

सीबीआई ने इसे स्पेशल केस के रूप में दर्ज किया है। इस केस का नंबर 7S/26 रखा गया है। बिहार सीबीआई के अधिकारी दिल्ली चले गए हैं।

इस मामले की सीबीआई जांच की मांग लगातार उठ रही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से सीबीआई जांच का आग्रह किया।

इसकी जानकारी सोशल मीडिया के जरिए सम्राट चौधरी ने दी थी। राज्य सरकार के अनुरोध को मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई ने केस टेकओवर कर लिया है।

पटना पुलिस ने इस मामले पर चार फरवरी को प्रेस कांफ्रेंस किया था, जिसमें आईजी जितेंद्र राणा ने बताया था कि मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया है।

कॉन्फ्रेंस में एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया था कि घटना की जानकारी सबसे पहले पीड़िता के परिवार को दी गई थी।

उन्होंने कहा था कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। परिवार ने पुलिस को छात्रा के पांच कपड़े सौंपे थे।

जांच के दौरान एक कपड़े से स्पर्म मिलने की पुष्टि हुई थी। हालांकि, परिवार शुरुआत में केस दर्ज कराने के लिए तैयार नहीं था।

एसएसपी ने माना था कि चित्रगुप्त नगर थाने की एसएचओ स्तर पर लापरवाही हुई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की गई।

एसडीपीओ सचिवालय-1 अनु कुमारी ने बताया था कि जांच के दौरान अस्पताल से लामा रिपोर्ट जब्त की गई। उसे केस डायरी का हिस्सा बनाया गया।

एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के डीवीआर को सीज किया था और सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाई थी।

फुटेज के अनुसार 5 जनवरी की दोपहर छात्रा अपनी एक दोस्त के साथ कमरे में जाती दिखी थी। करीब दो मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई थी, लेकिन इसके बाद फिर बाहर नहीं निकली थी।

6 जनवरी की सुबह नाश्ते के लिए आवाज देने पर कोई जवाब नहीं मिला था। इसके बाद हॉस्टल स्टाफ ने दरवाजा खोला था, जहां छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी।

पुलिस ने बताया था कि हॉस्टल पहुंचने से पहले छात्रा पटना जंक्शन के सीसीटीवी कैमरे में दिखी थी। जिस ऑटो से वह हॉस्टल पहुंची थी, उसके ड्राइवर से भी पूछताछ की गई थी।

छात्रा 6 जनवरी को हॉस्टल में बेहोश मिली थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने मामले को सुसाइड बताया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी।

इसके बाद एसआईटी का गठन किया गया था। फॉरेंसिक जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिला था।

पुलिस ने 18 लोगों के डीएनए सैंपल लिए थे, लेकिन किसी का भी सैंपल मैच नहीं हुआ।

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