केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘कोलसेतु’ विंडो को मंजूरी दी

नई दिल्ली देश
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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 12 दिसंबर को निर्बाध, कुशल और पारदर्शी उपयोग (कोलसेतु) के लिए कोयला लिंकेज की नीलामी की नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति में किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए कोयले का उपयोग करने के लिए ‘कोलसेतु’ नामक एक नई विंडो बनाई गई है। इसे एनआरएस लिंकेज नीति में शामिल किया गया है। यह नई नीति सरकार द्वारा किए जा रहे कोयला क्षेत्र के सुधारों की श्रृंखला को और बढ़ाती है।

यह नीति 2016 की एनआरएस (नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर) लिंकेज नीलामी नीति में ‘कोलसेतु’ नामक एक अलग विंडो जोड़कर, किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए नीलामी के आधार पर दीर्घकालिक कोयला लिंकेज के आवंटन की अनुमति देगी। इसमें कोयले की आवश्यकता वाला कोई भी घरेलू खरीदार लिंकेज नीलामी में भाग ले सकता है। इस विंडो के तहत कोकिंग कोल ऑफर नहीं किया जाएगा।

एनआरएस के लिए कोयला लिंकेज की नीलामी की मौजूदा नीति में एनआरएस जैसे सीमेंट, स्टील (कोकिंग), स्पंज आयरन, एल्युमीनियम, और अन्य (उर्वरक (यूरिया) को छोड़कर) सहित उनके कैप्टिव पावर प्लांट्स (सीपीपी) के लिए सभी नए कोयला लिंकेज का आवंटन नीलामी के आधार पर दिए जाएंगे। एनआरएस लिंकेज की वर्तमान नीति के अनुसार, सब-सेक्टर केवल निर्दिष्ट अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए हैं।

वर्तमान और भविष्य के मार्केट के डायनामिक्स को देखते हुए, तथा ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ के उद्देश्य से और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मौजूदा कोयला भंडारों के तेजी से उपयोग एवं आयातित कोयले पर निर्भरता कम करने के लिए, एनआरएस को कोयला आपूर्ति की वर्तमान व्यवस्था पर नए सिरे से विचार करने और एनआरएस में लिंकेज को बिना किसी अंतिम उपयोग प्रतिबंध के कोयला उपभोक्ताओं तक विस्तारित करने की आवश्यकता थी।

वाणिज्यिक खनन के लिए कोयला क्षेत्र को खोले जाने की तर्ज़ पर, जिसने बिना किसी अंतिम उपयोग प्रतिबंध के कोयला ब्लॉकों के आवंटन की अनुमति दी थी, एनआरएस के लिए कोयला लिंकेज की नीलामी की इस नीति को एक और विंडो/सब-सेक्टर जोड़कर, किसी भी औद्योगिक उपयोग और निर्यात के लिए नीलामी के आधार पर दीर्घकालिक कोयला लिंकेज के आवंटन के लिए संशोधित किया गया है। प्रस्तावित विंडो में  ट्रेडर्स को भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

एनआरएस (नॉन-रेगुलेटेड सेक्टर) में निर्दिष्ट एंड-यूजर सब-सेक्टर के लिए कोयला लिंकेज की वर्तमान नीलामी जारी रहेगी। निर्दिष्ट एंड-यूजर (यूजर्स) इस विंडो में भाग ले सकते हैं।

इस विंडो के तहत प्राप्त कोयला लिंकेज देश में रीसेल को छोड़कर, स्वयं के उपयोग, कोयले के निर्यात या किसी अन्य उद्देश्य (जिसमें कोयला वाशिंग भी शामिल है) के लिए होगा। कोल लिंकेज होल्डर्स अपनी लिंकेज क्वांटिटी का 50 प्रतिशत तक कोयले का निर्यात करने के पात्र होंगे।

कोयला लिंकेज होल्डर्स इस विंडो के तहत प्राप्त कोयले का उपयोग अपनी समूह कंपनियों के बीच अपनी आवश्यकता के अनुसार फ्लेक्सिबल तरीके से कर सकते हैं। वॉशड कोल की मांग को देखते हुए, जो भविष्य में बढ़ेगी, वॉशरी ऑपरेटर्स को कोयला लिंकेज देने से देश में धुले हुए कोयले की उपलब्धता बढ़ेगी। आयात कम होगा।

इसके अलावा, धुले हुए कोयले को देश के बाहर भी खरीदार मिलेंगे। इसलिए, धुले हुए कोयले का उपयोग निर्यात के उद्देश्य से भी किया जा सकता है।

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