1.50 लाख लोगों का रद्द हो सकता है राशन कार्ड, जानें वजह

झारखंड
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  • सरकारी अनाज की कालाबाजारी करनेवालों के खिलाफ होगी कठोर कार्रवाई

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में 1.50 लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द हो सकता है। सरकारी अनाज की कालाबाजारी करनेवालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। इस बाबत रांची उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने सख्‍त निर्देश दिए हैं। वे 19 जुलाई, 2023 को खाद्य आपूर्ति एवं धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक कर रहे थे।

कानूनी कार्रवाई की जा रही

उपायुक्‍त ने कहा है कि जिला में सरकारी अनाज की कालाबाजारी करनेवालों के खिलाफ काठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि तुपुदाना इंडस्ट्रियल एरिया में अनाज की कालाबाजारी में संलिप्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्‍होंने एफसीआई से एसएफसी और एसएफसी से एफसीआई में अनाज लाने ले जाने की सुपरविजन और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने अनाज के मूवमेंट पर पैनी नजर रखते हुए लिकेज पर फौरन जानकरी देने को कहा, ताकि मामले में गंभीरतापूर्वक आवश्यक जांच करते हुए कार्रवाई की जा सके।

खाद्यान्नों की स्थिति की समीक्षा

उपायुक्त द्वारा झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना अंर्गत रिक्ति स्थिति, 6 से 12 महीने से खाद्यान्न का उठाव नहीं करने वाले राशन कार्डधारियों की स्थिति, मोबाईल सीडिंग, डुप्लीकेट यूआईडी, निलंबित डीलर, एनएफएसए के सभी लाभुकों को यूआईडी से सीडिंग, पेट्रोल सब्सिडी, सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना, माह मई, जून एवं जुलाई 2023 के लिए एनएफएसए योजना अंतर्गत खाद्यान्न का डीएसडी लिफ्टिंग एवं खाद्यान्नों की स्थिति की समीक्षा की।

महीने के अंत तक जमा करें

बैठक में धान अधिप्राप्ति केन्द्रों से धान उठाव की समीक्षा करते हुए उपायुक्त द्वारा सभी मिलरों सीएमआर जमा करने के लिए निर्देशित किया गया। जिला के सभी 14 राइस मिलर द्वारा 190 लॉट सीएमआर जमा करना है, जिसमें 126 लॉट सीएमआर की प्राप्ति हुई है। उपायुक्त ने शेष बचे सीएमआर को इसी महीने के अंत तक जमा कराने के निर्देश दिये। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कहा कि धान अधिप्राप्ति की पहले से ही तैयारी शुरू कर दें। मिलर की लैम्प्स के साथ टैगिंग, ट्रांसपोर्टर की व्यवस्था और गोदाम साफ करने का निदेश भी उपायुक्त द्वारा दिया गया।

भुगतान महीने के अंत तक करें

रांची जिला में पिछले वर्ष 1274 किसानों द्वारा 80,426 क्विंटल धान अधिप्राप्ति लैंपस के माध्यम से किया गया था। पिछले साल सुखाड़ की स्थिति के कारण लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो पाई। उपायुक्त ने जितने भी किसानों द्वारा धान लैंम्प्स में जमा किए गए, उसकी राशि का भुगतान ससमय कराने का निदेश दिया गया। जिला में 816 किसानों को दोनों किस्त का भुगतान हो चुका है, जो 50 करोड़ 58 लाख 7 हजार 338 है। उपायुक्त ने शेष 458 किसानों के बीच 8 करोड़ 20 लाख 35 हजार 438 रुपये की दूसरी किस्त का भुगतान इस महीने के अंत तक करने के आदेश दिये।

उठाव और वितरण की समीक्षा

बैठक में उपायुक्त द्वारा राष्ट्रीय खाद्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2003 अंतर्गत खाद्यान्न उठाव एवं वितरण की प्रखंडवार विस्तार से समीक्षा की गयी। उपायुक्त ने प्रखंडवार माह मई, जून एवं जुलाई के खाद्यान्न उठाव और वितरण की जानकारी ली। उन्होंने सभी बीएसओ को कहा कि अगले चालव दिवस से पहले अनाज वितरण की प्रक्रिया पूरी कर लें।

अनाज उठाव नहीं करने वाले ये

उपायुक्त ने कहा कि प्रक्रिया अनुसार खाद्यान्न का उठाव नहीं करनेवालों का कार्ड रद्द करें। जिले में 6 से 12 महीने से अनाज नहीं उठानेवाले राशन कार्डधारियों की संख्या लगभग 80 हजार, 6 महीने से अनाज नहीं उठानेवाले राशन कार्डधारियों की संख्या लगभग 45 हजार और एक साल से अनाज नहीं उठानेवाले राशन कार्डधारियों की संख्या 25 हजार के करीब है। उपायुक्त ने ऐसे राशन कार्डधारियों को चिन्हित करते हुए कार्ड रद्द करने का निर्देश दिये।

कैंप लगाकर राशन कार्ड बनाएं

उपायुक्त ने अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के आवेदन पर वाल्मीकि नगर, तुलसी नगर, रामनगर, पत्थलकुदवा, मनीटोला, हरमू, डोरंडा बेलदार नगर, हरमू विद्यानगर, गांधीनगर, बरियातू स्टॉफ र्क्वाटर, आरोग्य भवन, बीआईटी मेसरा, विकास में कैंप लगाकर राशन कार्ड बनाने के निदेश दिये।

मोबाईल सीडिंग, डूप्लीकेट यूआईडी, यूआईडी से सीडिंग, पीवीटीजी डाकिया योजनान्तर्गत खाद्यान्न का वितरण, पेट्रोल सब्सिडी, सोना सोबरन धोती-साड़ी वितरण योजना की समीक्षा करते हुए भी उपायुक्त द्वारा उचित व आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

बैठक में ये अधि‍कारी मौजूद

समाहरणालय ब्लॉक ए स्थित उपायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी अलबर्ट बिलुंग, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक, सभी सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं मिलर उपस्थित थे।