coal_india

Coal India : वेतन समझौता होते आरोपों का दौर शुरू, इंटक नेता आए निशाने पर

झारखंड
Spread the love

धनबाद। कोल इंडिया (Coal India) और सहायक कंपनियों में कार्यरत कामगारों का 11वां वेतन समझौता हो गया। वेतन समझौते होते ही आरोपों का दौर भी शुरू हो गया है। इस बार इंटक के नेता निशाने पर आए हैं। उनपर स्‍वार्थी होने का आरोप लगा है। इंडियन नेशनल माईन वर्कर्स फेडरेशन और राष्‍ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ के महामंत्री ललन चौबे ने यह आरोप लगाया है।

चौबे ने कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) और एसक्‍यू जमा पर अपने व्यक्तिगत स्वार्थ की पूर्ति के लिए समझौते पर हस्‍ताक्षर करने का आरोप लगाया। उन्‍होंने कहा कि मजदूर विरोधी 11वें वेतन समझौते पर हस्ताक्षर किया है। समझौते पर हस्ताक्षर करने की होड़ में ऐसा किया है।

चौबे ने कहा कि कोल इंडिया में आउटसोर्निंग/ठीकेदारी मजदूरों द्वारा 85% उत्पादन होता है। हालांकि उनको समान काम का समान समुचित वेतन, बोनस, शिक्षा, स्वास्थ्य चिकित्सा, सामाजिक सुरक्षा आदि के संबंध में बातों पर निर्णय नहीं लिया गया।

10वें वेतन समझौते में लिए गए निर्णयों की समीक्षा, आश्रितों को नौकरी, फीमेल वीआरएस के तहत नौकरी, मेडिकल अनफिट के तहत नौकरी, पेंशन रिवीजन, भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा, आईआई 76 के तहत शीघ्र उम्र संबंधी विवाद का निपटारा, पर्कस एंड परक्यूजि‍स्ट फ्रिज बेनिफिट, 20 लाख ग्रेच्‍युटी की समाप्ति, कल्याणकारी कार्य सुरक्षा, आईटीआई एवं कौशल विकास प्रशिक्षित युवकों की भत्ता आदि मुद्दे को नजरअंदाज करते हुए हड़बड़ी में हस्ताक्षर कर दिया गया।

चौबे ने कहा है कि कलकत्‍ता उच्च न्यायालय में दायर मामले का निपटारा करने के लिए गर्मी छुट्टी के बाद तिथि निर्धारित हुई है। साथ ही धनबाद सिविल कोर्ट द्वारा इंडियन नेशनल माइन वर्कर्स फेडरेशन के इन स्वयंभू अध्यक्ष एवं सेक्रेट्री जेनरल को नोटिस भेजा गया है।

न्यायालयों में उपस्थित होकर फेडरेशन के चुनाव में अपने चुनाव की वैधता प्रमाणित करने के बजाय ये लोग जल्द से जल्द हस्ताक्षर करना श्रेयस्कर समझे। अन्य सदस्यों की मांग थी कि सभी मुद्दों पर वार्ता कर निर्णय लेने के बाद हस्ताक्षर होना चाहिए।

ललन चौबे ने आरोप लगाया कि स्वयंभू नेता की हड़बड़ी का फायदा उठाते हुए सीआईएल प्रबंधन हस्ताक्षर के लिए सहमति प्रदान कर दी। इससे मजदूरों को भारी क्षति हुई। इंडियन नेशनल माईन वर्कर्स फेडरेशन द्वारा सभी मांगों को शामिल करने के लिए व्यापक आंदोलन करने के लिए अविलंब कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।