
रांची। झारखंड के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना की फिर से निगरानी (अनुश्रवण) होगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग के अफसरों को जिले आवंटित कर दिए गए हैं। इसका आदेश शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने 21 अक्टूबर को जारी किया है।
आदेश में शिक्षा सचिव ने लिखा है कि प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना भारत सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इसका सतत अनुश्रवण आवश्यक है। विगत दो वर्षों से कोविड-19 के कारण विद्यालयों का निरीक्षण/पर्यवेक्षण नहीं किया जा सकता है।
कोविड-19 के पूर्व समग्र शिक्षा अभियान के साथ मध्याह्न भोजन योजना का संयुक्त रूप से निरीक्षण/पर्यवेक्षण किया जाता रहा है। फरवरी, 2022 से विद्यालयों में मध्याह्न भोजना का संचालन प्रारंभ हो चुका है। पुन: अनुश्रवण की आवश्यकता प्रतीत हो रही है।
सचिव ने लिखा है कि पूर्व की भांति समग्र शिक्षा अभियान के साथ पुन: संयुक्त रूप से विद्यालयों का निरीक्षण/पर्यवेक्षण के लिए पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने अंकित जिले का आवंटन किया जाता है।
आदेश में कहा गया है कि संबंधित पदाधिकारी भ्रमण के क्रम में समग्र शिक्षा अभियान से संबंधित योजना और प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के क्रियान्वयन का निरीक्षण और समीक्षा करेंगे।
भ्रमण के दिनों के लिए शुक्रवार और शनिवार को प्राथमिकता दी जा सकती है। निरीक्षण का काम नवंबर माह में किया जा सकता है। निरीक्षण/पर्यवेक्षण के क्रम में अभिभावकों से संपर्क कर योजना क्रियान्वयन के संबंध में मंतव्य प्राप्त किया जा सकता है।
ये है जिलावार अफसरों को आवंटित जिले

