नई दिल्ली। कृषि कानूनों पर व्यापक हो चुके विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे विपक्ष की बौद्धिक बेईमानी और राजनीतिक छल बताया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनता की भलाई के लिए कई बार कड़े फैसले लेने पड़ते हैं, ताकि उन्हें वह लाभ मिल सकें जो दशकों पहले मिल जाने चाहिए थे। मोदी ने कहा कि एक राजनीतिक दल कोई वादा करके उसे पूरा नहीं करता है, तो यह निंदा के योग्य है। हमारी सरकार जो कृषि कानून लेकर आई है, उसका वादा दूसरी पार्टियों ने किया था। अब वही दल इसका विरोध कर रहे हैं। यह बहुत बड़ा यू-टर्न है।
देश में हो रहे टीकाकरण पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों से वैक्सीनेशन में देश लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। अब भारत आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ खुद पर भरोसा भी कर रहा है।