रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंत्रालय में कोल इंडिया के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने 23 जुलाई को मुलाकात की। भेंटवार्ता के क्रम में मुख्यमंत्री ने चेयरमैन से कहा कि कोल इंडिया को खनन के लिए राज्य सरकार ने जो सरकारी जमीन दी गई है, उस पर 56 हजार करोड़ रुपए का बकाया है। बकाये राशि का भुगतान कोल इंडिया राज्य सरकार को शीघ्र करे। इस पर कोल इंडिया अध्यक्ष पहल करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की रॉयल्टी AD VALOREM आधार पर कोल इंडिया राज्य सरकार को देना सुनिश्चित करे। जिस क्षेत्र में माइनिंग हो जाती है, वहां सीसीएल द्वारा वृहद पौधरोपण कार्य किया जाए। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सीसीएल द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाना चाहिए। सीसीएल द्वारा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन हो, इस निमित्त मुख्यमंत्री ने प्रमोद अग्रवाल के समक्ष अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने झरिया पुनर्वास कार्य में धीमा प्रगति पर चिंता जतायी।
कोल इंडिया अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। अग्रवाल ने कोल इंडिया के खनन कार्यों में राज्य सरकार द्वारा की जा रही मदद के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। साथ ही, मुख्यमंत्री से ईसीएल की राजमहल परियोजना में भूमि की समस्या का समाधान, सीसीएल की भूमि का सत्यापन, वन पट्टा, सीटीओ की अवधि बढ़ाने (कम से कम 3 वर्ष) और आम्रपाली परियोजना में कोयले के ट्रांसपोर्टेशन को सुचारू करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष द्वारा रखी गयी मांग एवं आग्रहों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, महाधिवक्ता राजीव रंजन, ईस्टर्न कोलफील्ड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पीएस मिश्रा, सीसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पीएम प्रसाद भी उपस्थित थे।