- ‘स्वच्छता एलान’ का संकल्प लिया
चतरा । रील से रियल लाइफ बदल गई। झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर गांव के लोगों ने मानव गरिमा, स्वास्थ्य और उनकी भलाई के लिए शौचालय की अहमियत को समझा है। अपने गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाए रखने की शपथ ली है। शौचालय बनाकर इलाके को खुले में शौच मुक्त बनाने की प्रेरणा उन्हें एडुटेनमेंट शो ‘मैं कुछ भी कर सकती हूं’ से मिली। शो ने ना सिर्फ #SwachhtaElaan के विचार को लोकप्रिय बनाया। साफ-सफाई को लेकर अच्छी आदतों के बारे में वकालत की, बल्कि इसने दर्शकों को खुले में शौच की वजह से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक किया। भारत में पिछले कुछ वर्षों में शौचालय की समस्या ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। फिल्म, सरकारी पहल और यहां तक कि एमकेबीकेएसएच जैसे शो भी स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरुकता फैला रहे हैं।
प्रतापपुर की रहने वाली संगीता देवी कहती है कि पहले हमें शौच के लिए समूहों में गांव से कुछ दूर जाना पड़ता था। यह बहुत मुश्किल था, खासकर बारिश के मौसम में। फिर मैंने इस मुद्दे पर अपने पति से बात करने का फैसला किया। मेरे लिए शौचालय बनाने के लिए कहा। पैसे की समस्या सामने आई और इसलिए मैंने अपनी बचत के पैसे का इस्तेमाल करने का फैसला किया। यहां तक कि दूसरों से पैसे उधार भी लिए। बहुत लोगों ने शौचालय बनाने की खातिर लोन लेने के लिए मेरा मजाक उड़ाया। हालांकि ऐसी प्रतिक्रियाओं से खुद को प्रभावित नहीं होने दिया। मैंने मन बना लिया था।
सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी शो से प्रेरित हुए। 13 वर्षीय मोनू कुमार कहते है कि एमकेबीकेएसएच देखने के बाद, मैंने लोगों को समझाना शुरू किया कि खुले में शौच करना कैसे गलत है। उनके लिए समस्याएं पैदा कर सकता है। मैंने उन्हें अपने मोबाइल फोन पर धारावाहिक दिखाया। अगर वे सुनने से इनकार करते, तो मैं झंडे पर उस व्यक्ति का नाम लिखता और उस स्थान पर लगा देता जहां उसने शौच किया था। इससे उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई। उन्होंने बाहर शौच करना बंद कर दिया।
पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निर्देशक पूनम मुत्तरेजा कहती हैं कि मुझे खुशी है कि एमकेबीकेएसएच लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए नई संचार तकनीकों का इस्तेमाल करने में एक ट्रेंड सेंटर बन गया है। स्वस्थ दृष्टिकोण और आदतों को प्रोत्साहित करने के लिए इस शो में प्रमुख उक्तियां और # स्वच्छता एलान या अच्छी साफ-सफाई की आदतों के लिए संकल्प को विकसित किया गया, जो सीरीज के पहले 26 एपिसोड्स के दौरान डिजिटल अभियानों में इस्तेमाल किया जाने वाला एक मार्कर था।
स्वच्छता की आदतों को बढ़ावा देने का यह मनोरंजक तरीका लाखों परिवारों तक पहुंचा। कई लोगों को शौचालय बनाने के लिए प्रेरित किया। ऐसी रील से रियल लाइफ वाली कहानियों को लोगों के सामने लाना बहुत खुशी देने वाला है, क्योंकि ये साबित करती है कि हम ऐसे क्षेत्रों में प्रभाव डाल रहे हैं, जहां विश्वसनीय जानकारी की बेहद जरूरत है।