धान अधिप्राप्ति में अनियमितता पर जिला प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

झारखंड
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विश्वजीत कुमार रंजन

गढ़वा। खरीफ विपणन मौसम 2025–26 के अंतर्गत जिले में धान अधिप्राप्ति कार्य को पारदर्शी एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न संस्थाओं का चयन किया था। इस क्रम में मझिआंव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को किसानों से निर्धारित मानकों के अनुरूप धान क्रय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान 20 मार्च को उपायुक्त दिनेश यादव की उपस्थिति में एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता सुरेन्द्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि संबंधित संस्था द्वारा धान की खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया।

यह भी आरोप लगाया गया कि अध्यक्ष मझिआंव फार्मर प्राडयूसर कम्पनी लिमिटेड द्वारा किसानों से क्रमबद्ध तरीके से धान क्रय नहीं किया गया है। जो किसान अधिप्राप्ति केन्द्र में पूर्व से धान रखे हुए है, ई-पॉश मशीन में उनका अंगूठा पहले नहीं लगाकर बाद वाले किसानों का अंगूठा लगाकर धान क्रय किया गया है,जो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

जिला प्रशासन ने इस शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। 28 मार्च, 2026 को संबंधित एफपीओ अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा। अध्यक्ष ने 30 मार्च को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। हालांकि, जांच के बाद इसे संतोषजनक नहीं पाया गया।

उपरोक्त तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिला प्रशासन ने मझिआंव फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उनकी कमीशन में 25 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। उपायुक्त द्वारा जिला प्रबंधक सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम को निर्देशित किया गया है कि वे इस कटौती को सुनिश्चित करते हुए शेष देय राशि का भुगतान नियमानुसार करें।

जिला कृषि पदाधिकारी खुशबू पासवान को निर्देश दिया गया है कि संबंधित संस्था की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) को नियमानुसार रद्द करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें। की गई कार्रवाई से उपायुक्त को अवगत कराएं।

धान क्रय केंद्र के पर्यवेक्षण के लिए प्रतिनियुक्त जनसेवक परमानन्द प्रसाद की भूमिका की भी समीक्षा की गई। उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण में यह बताया गया कि उन्हें एक साथ कई प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करना पड़ रहा था, जिससे नियमित पर्यवेक्षण प्रभावित हुआ।

हालांकि, उनके द्वारा भविष्य में ऐसी त्रुटि नहीं होने का आश्वासन दिया गया। इसे ध्यान में रखते हुए उन्हें कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण से मुक्त किया गया है। भविष्य में पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, मझिआंव कंपनी में प्रतिनियुक्त कम्प्यूटर ऑपरेटर नीलू कुमारी की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। यह पाया गया कि उनके द्वारा किसानों को क्रमबद्ध एवं समयानुसार एसएमएस सूचना नहीं भेजी गई, जिससे अधिप्राप्ति प्रक्रिया प्रभावित हुई।

इस संबंध में उनसे कारण-पृच्छा की गई, किंतु उनका स्पष्टीकरण भी असंतोषजनक पाया गया। परिणामस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया है।

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