- अनुपस्थित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी हो रहा
- ड्रेस की डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा
रांची। उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी में सोमवार को जिले के सभी निजी विद्यालयों के प्राचार्यों/प्रतिनिधियों के साथ शुल्क निर्धारण एवं अन्य शिकायतों के निस्तारण को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के समस्त सीबीएसई, आईसीएसई एवं जैक बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
बैठक में दिए गए निर्देश
अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन
सभी निजी विद्यालयों को अनिवार्य रूप से अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन करना होगा। इसकी सूचना हार्ड कॉपी एवं ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अगले 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।
अभी तक केवल 13 विद्यालयों ने ही यह सूचना उपलब्ध कराई है। उपायुक्त ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए सभी विद्यालयों को चेतावनी दी कि तीन दिनों के अंदर सूचना जमा नहीं करने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावक शिक्षक संघ के गठन की सूचना विद्यालय के नोटिस बोर्ड एवं वेबसाइट पर भी अपलोड करनी होगी। उसका लिंक जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को भेजना होगा।
शुल्क समिति का गठन करें
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के प्रावधानों के अनुसार सभी विद्यालयों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति का गठन करना अनिवार्य है। इसकी सूचना भी नोटिस बोर्ड, वेबसाइट पर प्रकाशित कर हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को 3 दिनों के अंदर उपलब्ध करानी होगी।
शुल्क निर्धारण एवं वृद्धि
विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति 10% तक की शुल्क वृद्धि का अनुमोदन कर सकती है।
10% से अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की अनुमति अनिवार्य होगी।
किसी भी शुल्क वृद्धि को न्यूनतम 2 वर्ष के लिए प्रभावी बनाया जाएगा।
सभी विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों और चालू सत्र 2026-27 में कक्षावार लिए गए समस्त शुल्कों का विस्तृत विवरण 20 अप्रैल 2026 (संध्या 5 बजे तक) जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।
शुल्क वृद्धि अधिनियम के प्रावधानों के पूर्ण अनुपालन में ही की जाएगी।
रि एडमिशन फीस नहीं लेंगे
अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी रूप में पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा। यह अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा। नए नामांकन के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप आवेदन शुल्क लिया जा सकेगा।
परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश
किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से वंचित नहीं किया जा सकेगा। ऐसा करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, बाल अधिकार अधिनियम तथा मानवाधिकार का उल्लंघन होगा, जिस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुस्तक विक्रय संबंधी नियम
सभी विद्यालयों को कक्षा-वार पुस्तक सूची (प्रकाशक एवं मूल्य सहित) अगले 3 दिनों में जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध करानी होगी।
सीबीएसई संबद्ध विद्यालय केवल एनसीईआरटी पुस्तकें ही पाठ्यक्रम में शामिल करेंगे।
कोई भी सहायक या संदर्भ पुस्तक बाध्यकारी नहीं होगी।
पुस्तकें केवल 5 वर्ष अथवा बोर्ड द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही बदली जा सकेंगी।
विगत वर्ष की अच्छी स्थिति वाली पुस्तकों का पुनः उपयोग किया जा सकेगा।
विद्यालय परिसर में पुस्तक विक्रय नहीं की जा सकेगी।
अभिभावक खुले बाजार से किसी भी विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। विद्यालय किसी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम
पोशाक के डिजाइन में बार-बार परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा।
कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर अभिभावक-शिक्षक संघ की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।
विद्यालय किसी विशेष दुकान या वेंडर से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।
विद्यालय परिसर में यूनिफॉर्म की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को डिजाइन, रंग आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी।
मासिक शुल्क का ही हिस्सा
किसी भी नाम से लिया जाने वाला प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क मासिक शुल्क का ही हिस्सा माना जाएगा। इसकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी।
परिवहन शुल्क
परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा। भारती कुमारी मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा।
शिकायत निस्तारण प्रक्रिया
अबुआ साथी पोर्टल एवं जिला स्तरीय कोषांग (समाहरणालय भवन, ब्लॉक-ए, कमरा संख्या 105) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर सभी विद्यालयों को नोटिस जारी किया जा चुका है। विद्यालयों को साक्ष्य सहित समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य है।
उल्लंघन पाए जाने पर ₹50,000 से ₹2,50,000 तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में आरटीई अनापत्ति रद्द करने की कार्रवाई की जा सकेगी।
आरटीई के अंतर्गत 25% आरक्षण
सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं। नामांकन प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी। चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यालय को समयबद्ध नामांकन सुनिश्चित करना होगा।
बैठक में जिले के 272 निजी विद्यालयों में से 192 विद्यालयों के प्रधानाचार्य या उनके प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
अनुपस्थित विद्यालयों को उपायुक्त के निर्देशानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।
बैठक के दौरान जिन विद्यालयों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं, उनसे सभागार में ही जवाब लिया गया।
अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी
उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी निजी विद्यालयों से अपील की कि वे अभिभावकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए पारदर्शी एवं कानूनानुसार कार्य करें।

