किसानों के 2 लाख रुपये तक के ऋण होंगे माफ : बादल

रांची। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा है कि किसानों के दो लाख रुपये तक के लोन माफ किये जाएंगे। इसके लिए उन्होंने सभी बैंकों से प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है। 31 मार्च 2020 तक किसानों द्वारा लिया गया 50 हजार से लेकर 2 लाख तक के ऋण को वन टाईम […]

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कृषि अनुसंधान परिसर में बागवानी पौधशाला का लोकार्पण, किसानों को होगा लाभ

पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर (पटना) में बागवानी पौधशाला का लोकार्पण 11 जून 2024 को किया गया। आईसीएआर के पूर्व उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन प्रभाग) डॉ. अनिल कुमार सिंह और ग्‍वालियर स्थित राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति ने लोकार्पण किया। इस दौरान पूर्व निदेशक (भा.कृ.अनु.प.– भारतीय मृदा […]

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कृषि-नवोन्मेष के लिए युवा वैज्ञानिकों को प्रेरित करना जरूरी : डॉ. पटनायक

पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर (पटना) में संस्थान नवाचार प्रकोष्ठ ने वर्ष 2024-25 के लिए युवा वैज्ञानिक नवोन्मेष परियोजना (वाईएसआईपी) के चयन के लिए 3 जून, 2024 को एक बैठक की। भा.कृ.अनु.प. – भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (रांची) और भा.कृ.अनु.प. – विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (अल्मोड़ा) के पूर्व निदेशक […]

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बेहतर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से ही किसानों की आय बढ़ेगी : डॉ एससी दुबे

रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा है कि बेहतर प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से ही किसानों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद मिलेगा। लागत में कमी आएगी। बेहतर लाभ होगा। कृषि उत्पादों के लाभकारी विपणन के लिए उत्पादों में पोषण संवर्धन, पोस्ट हार्वेस्ट चरण में न्यूनतम नुकसान तथा प्रोसेसिंग पर ध्यान देना होगा। कुलपति […]

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समेकित मछली पालन मॉडल से हर सालाना संभव है 1 लाख की आमदनी

रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित गुमला स्थित मात्स्यिकी विज्ञान महाविद्यालय में समन्वित मछली-बत्तख-सब्जी की खेती की इकाई स्थापित की गई है। इसमें विद्यार्थियों और किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महाविद्यालय में एक 30 डिसमिल के तालाब में मछली पालन, बांध पर ही बत्तख पालन का घर बनाकर खाकी कैम्बल जाति का […]

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हर राज्य को अपनानी होगी जलवायु अनुकूल कृषि प्रौद्योगिकी : डॉ. अधिकारी

पटना। पश्चिम बंगाल के नदिया के मोहनपुर स्थित बिधान चंद कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एम.एम. अधिकारी 17 मई को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर पहुंचे। वे संस्थान के  सामाजिक- आर्थिक एवं प्रसार प्रभाग के वैज्ञानिकों से मिले। डॉ. अधिकारी के साथ संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास भी मौजूद थे| […]

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बीएयू की विकसित पंखिया सेम की नयी किस्म होगी जारी

रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) द्वारा विकसित खरीफ फसल पंखिया सेम के नये प्रभेद बिरसा कमरेंगा (आर डब्ल्यू बी- 13) को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने जारी करने के लिए चिन्हित किया है। इसका चयन बेहतर उपज क्षमता (14.29 क्विंटल प्रति हेक्टेयर), उच्च प्रोटीन उपलब्धता (30.29 प्रतिशत) और तेल की मात्रा (25.81%) के आधार […]

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वर्ष 2047 तक ज्यादातर किसान कृषि व्यवसायी के रूप में कार्य करेंगे : डॉ. गौतम

पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक (कृषि प्रसार) डॉ. यू.एस. गौतम ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर में 16 मई 2024 को संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ संवाद किया। वैज्ञानिकों को उन्होंने बताया कि आजकल नई और उच्च उपज वाली किस्म एवं उन्नत तकनीक के साथ टिकाऊ कृषि पर भी […]

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गो आधारित खेती से ही कृषि उत्पादों में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ेगी : सिद्धार्थ जायसवाल

रांची। गो कृषि आधारित प्राकृतिक खेती से प्राप्त कृषि उत्पाद हानिकारक रसायनों के दुष्प्रभावों से मुक्त होते हैं। उनमें पोषक तत्वों की मात्रा भी अधिक होती है। अनाज, फल एवं सब्जी में प्रोटीन, विटामिन आयरन, मिनरल आदि की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्राकृतिक खेती ही एकमात्र रास्ता है। ऐसे उत्पादों के सेवन से ही शरीर […]

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बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में एक माह के मैत्री प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पशुचिकित्सा महाविद्यालय में भारत सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत ग्रामीण भारत के बहुउद्देशीय कृत्रिम गर्भाधान टेक्नीशियन (मैत्री) का एक माह का प्रशिक्षण सोमवार को संपन्न हुआ। इस 15वें बैच का प्रशिक्षण 27 मार्च को प्रारंभ हुआ था। इसमें आठ जिलों के ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। बीएयू के […]

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