जम्मू। बड़ी खबर जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से आयी है। पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती को सरकारी आवास तुरंत खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
बता दें कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक होना है। इसके लिए सभी दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हैं। चुनावी तैयारियों के बीच जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पीडीपी नेता और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस भेजकर एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।
पीडीपी और जम्मू कश्मीर के अन्य नेताओं का कहना है कि सरकार ने दवाब बनाने के लिए आवास खाली करने का नोटिस भेजा है।
जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के वीवीआईपी इलाके गुपकार स्थित महबूबा मुफ्ती के सरकारी बंगले को खाली करने का नोटिस भेजा गया है। इससे पीडीपी नेता और कार्यकर्ताओं में रोष है।
नोटिस भेजे जाने को लेकर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें सरकारी बंगला फेयर व्यू को खाली करने का नोटिस दिया गया है। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है और यह मौजूदा प्रशासन से अपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि नोटिस में उल्लेख किया गया है कि बंगला जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के लिए है, लेकिन ऐसा नहीं है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इस मसले पर वो अपनी कानूनी टीम से सलाह लेंगी। इसके बाद आगे की कोई प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
क्या वह इस नोटिस को अदालत में चुनौती देंगी, मीडिया के इस सवाल पर महबूबा ने कहा कि वह अपनी कानूनी टीम से सलाह लेंगी। नोटिस मिलने को लेकर जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह स्थान मेरे पिता (मुफ्ती मोहम्मद सईद) को दिसंबर 2005 में आवंटित किया गया था, जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था। इसलिए प्रशासन द्वारा बताए गए आधार सही नहीं हैं।
इधर एक समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को वैकल्पिक बंगला की पेशकश की गई है।


