न्यूयार्क। धरती के घूमने से वैज्ञानिक हैरान हैं। हालात ऐसे हैं कि घड़ी की टाइमिंग बदलनी पड़ सकती है। दरअसल, पिछले 50 सालों के इतिहास में धरती सबसे तेजी से घूम रही है। इसकी वज से साइंटिस्ट बेहद परेशान हैं कि इसे कैसे मैनेज किया जाए। इस वक्त धरती 24 घंटे से पहले अपनी धुरी पर एक चक्कर पूरा कर रही है। धरती में यह बदलाव पिछले साल के मध्य में आया था।
यूं तो धरती 24 घंटे में अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाती है, लेकिन पिछले साल जून से लेकर इस समय तक धरती अपनी धुरी पर सामान्य से ज्यादा तेजी से घूम रही है। इस कारण धरती पर मौजूद सभी देशों का समय बदल जा रहा है। इसकी वजह से साइंटिस्ट को अपनी-अपनी जगहों पर मौजूद एटॉमिक क्लॉक का समय बदलना पड़ेगा। इसका मतलब है कि वैज्ञानिकों को अपनी-अपनी घड़ियों में निगेटिव लीप सेकंड जोड़ना होगा। बता दें कि साल 1970 से अब तक 27 लीप सेकंड जोड़े जा चुके हैं।
एक खबर के मुताबिक धरती 24 घंटे के समय से ज्यादा समय लेकर अपनी धुरी पर घूम रही थी। पिछले साल जून से 24 घंटे से भी कम समय में धरती अपनी धुरी पर एक चक्कर लगा रही है। इस समय धरती 24 घंटे में 0.5 मिलीसेकंड कम में एक चक्कर लगा रही है। हमारे 24 घंटे में से अब 0.5 मिलीसेकंड कम हो गए हैं।
गौरतलब है कि पिछले 50 सालों से धरती के घूमने का बिल्कुल सही आकंड़ा लिया जा रहा है। 24 घंटे में कुल 86,400 सेकंड होते हैं यानी 86,400 सेकंड में हमारी धरती एक चक्कर पूरा करती है। बता दें कि पिछले साल जून से 86,400 सेकंड में 0.5 मिलीसेकंड की कमी आ गई है।


