

नई दिल्ली। राजधानी में एक मां अपनी बेटी को चुभती गर्मी में छत पर हाथ-पैर बांधकर लिटा दिया। कारण ये था कि उसने स्कूल का होमवर्क नहीं किया था। ये मामला दिल्ली के खजूरी खास इलाके के तुकमीरपुर गली नंबर 2 का है। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई।
पुलिस की पूछताछ में बच्ची की मां ने बताया कि बच्ची को 5 से 7 मिनट की सजा दी गई थी और उसके बाद उसे नीचे लेकर आ गई थी। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपी महिला के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। बच्चों और नाबालिगों को ऐसे हमलों या अपराध से बचाने के लिए जस्टिस जुवेनाइल एक्ट में सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

एक्ट कहता है कि अगर कोई किसी बच्चे या नाबालिग के साथ मारपीट करता है, उसे बेवजह मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है। उसका उत्पीड़न करता है। उस पर जानबूझकर हमला करता है तो उस व्यक्ति को तीन साल की कैद और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है। हालांकि, यहां एक पेंच है। इस एक्ट में ये भी है कि अगर ये पाया जाता है कि जैविक माता-पिता ने अपने बच्चे के साथ जानबूझकर ऐसा बर्ताव नहीं किया था और सबकुछ उस समय के हालात पर निर्भर था, तो उन्हें कोई सजा नहीं हो सकती।
इस मामले में अगर ये साबित हो जाता है कि मां ने अपनी बच्ची के साथ जो किया, वो जानबूझकर नहीं किया था तो हो सकता है कि महिला को इससे छूट मिल जाए। हालांकि, ये सब जांच का विषय है।




