आरके पब्लिक स्कूल की बसों में मिले क्षमता से अधिक बच्चे, नशे में था चालक

झारखंड
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  • परमिट समेत कई जरूरी कागजात फेल

विश्वजीत कुमार रंजन

गढ़वा। जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा और मोटर यान निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता ने गुरुवार को आरके पब्लिक स्कूल, हूर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की बसों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं सामने आयीं। जांच में 15 सीटर बस में 32 और 22 सीटर बस में 41 बच्चे सवार मिले। वहीं, एक बस के चालक को मादक पदार्थ का सेवन करते हुए पाया गया।

निरीक्षण के समय विद्यालय में छुट्टी हो चुकी थी। बच्चे परिसर से बाहर निकल रहे थे। प्रधानाध्यापिका के अनुसार विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक 231 विद्यार्थी नामांकित हैं। विद्यालय में 18 शिक्षक और पांच शिक्षकेत्तर कर्मी कार्यरत हैं। सभी उपस्थित मिले।

मान्यता व यू-डायस कोड पर भी सवाल

विद्यालय की मान्यता के संबंध में पूछताछ करने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया कि मान्यता एवं यू-डायस कोड के लिए आवेदन दिया गया है, जो प्रक्रियाधीन है। फिलहाल आरके पब्लिक स्कूल, सोनपुरवा के यू-डायस कोड से विद्यालय का संचालन किए जाने की बात कही गयी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किये जा सके।

बसों में क्षमता से दोगुने बच्चे

जांच के दौरान वाहन संख्या जेएच14ए-3220 की क्षमता 15 सीट की मिली, जबकि इसमें 32 बच्चे सवार थे। वाहन का प्रदूषण प्रमाण-पत्र, बीमा, फिटनेस और परमिट फेल पाया गया। इसी दौरान चालक के मादक पदार्थ का सेवन करते पाए जाने से अधिकारियों ने गंभीर चिंता जतायी।

दूसरी बस संख्या जेएच14पी-3506 की क्षमता 22 सीट की थी, जबकि इसमें 41 बच्चे सवार मिले। इस वाहन का परमिट भी फेल पाया गया। दोनों बसों में बच्चों की निर्धारित क्षमता से अधिक संख्या में परिवहन और जरूरी दस्तावेजों की कमी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया।

फर्स्ट एड बॉक्स व जीपीएस भी नहीं

प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बच्चों के परिवहन के लिए विद्यालय संचालक की ओर से पांच बसों की व्यवस्था की गयी है। हालांकि निरीक्षण के दिन केवल दो बसें ही उपलब्ध थीं, जबकि अन्य बसें खराब होने के कारण संचालित नहीं हो रही थीं। जांच में दोनों उपलब्ध बसों में फर्स्ट एड बॉक्स और जीपीएस की सुविधा भी नहीं मिली।

टेम्पो से बच्चों के आवागमन के संबंध में प्रधानाध्यापिका ने बताया कि इसकी व्यवस्था अभिभावक अपने स्तर से करते हैं। इस पर अधिकारियों ने निर्देश दिया कि अभिभावकों को बच्चों के परिवहन से जुड़े सुरक्षा जोखिम और किसी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी के संबंध में स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए।

दो दिनों में मांगा जवाब

विद्यालय प्रबंधन से मान्यता, यू-डायस कोड, भवन व अग्निशमन एनओसी, प्राथमिक उपचार, पेयजल, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति व वेतन, भूमि संबंधी दस्तावेज और विद्यालय की सभी बसों के वाहन संख्या, चालक का लाइसेंस, स्वास्थ्य जांच तथा अद्यतन कागजात समेत 13 बिंदुओं पर साक्ष्य सहित प्रतिवेदन मांगा गया है। इसके लिए पत्र निर्गत होने की तिथि से दो दिनों का समय दिया गया है।

जवाब नहीं देने पर कार्रवाई

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में दस्तावेज और साक्ष्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने पर विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विद्यालय को बंद करने के संबंध में उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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