फोटोग्राफी कला, विज्ञान एवं दर्शन का अद्भुत संगम : डॉ. प्रदीप वर्मा

झारखंड
Spread the love

  • एसबीयू में दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यक्रम पिक्सेल स्पंदन 2026शुरू

रांची। सरला बिरला विश्वविद्यालय (एसबीयू) में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर दो दिवसीय फोटोग्राफी कार्यक्रम “पिक्सेल स्पंदन 2026” बुधवार शुरू हुआ। 19 एवं 20 अगस्त को आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन पत्रकारिता एवं जनसंचार संकाय और शटरबग्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में फोटोग्राफी, दृश्य संचार एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें इस क्षेत्र की व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान करना है।

कार्यक्रम का उद्घाटन सरला बिरला विश्वविद्यालय के जी.डी. बिरला सभागार में विशिष्ट अतिथियों, शिक्षाविदों एवं प्रख्यात फोटोग्राफी विशेषज्ञों की उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात विश्वविद्यालय के कुलगीत की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद गणेश वंदना, सरस्वती वंदना एवं शिव शक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति और पारंपरिक जनजातीय स्वागत नृत्य ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक गरिमा का समावेश किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में फोटोग्राफी को कला, विज्ञान एवं दर्शन का अद्भुत संगम करार दिया। फोटोग्राफी एवं पेंटिंग को उन्होंने अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बताते हुए स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी, बिरसा मुंडा जैसे कई महापुरुषों का दृष्टांत भी दिया।

अपने स्वागत संबोधन में पत्रकारिता एवं जनसंचार संकाय के डीन प्रो. अजय कुमार ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए फोटोग्राफी को संचार का एक प्रभावशाली माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अभ्यास करने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रचनात्मकता, दृढ़ संकल्प, अनुशासन, अवलोकन क्षमता और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने और अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग समाज के हित में करने के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने समकालीन पत्रकारिता एवं मीडिया में दृश्य संचार की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्‍य डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के अलावा विशिष्ट अतिथि सूचना आयुक्त अनुज कुमार सिन्हा, उपस्थित रहे। इस अवसर पर एसबीयू के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक और कुलसचिव प्रो. एसबी दंडिन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में प्रख्यात फोटोग्राफरों कुलदीप सिंह “दीपक”, दिवाकर प्रसाद एवं संजय बोस ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। फोटोग्राफी के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी।

कुलदीप सिंह “दीपक” ने फोटोग्राफी के विकास और उसके तकनीकी सफर पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के शुरुआती दौर, पारंपरिक कैमरों एवं उपकरणों से लेकर डिजिटल युग तक के विकास से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार फोटोग्राफी ने फिल्म और रील के दौर से निकलकर डिजिटल कैमरों, स्मार्टफोन और आज की रील संस्कृति तक का लंबा सफर तय किया है। उनके सत्र ने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी में हुए तकनीकी बदलावों और आधुनिक मीडिया में इसकी बदलती भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया।

दिवाकर प्रसाद ने फोटोग्राफी को दृश्य कहानी कहने की कला के रूप में समझाया। उन्होंने बताया कि एक प्रभावशाली तस्वीर किसी विचार, भावना या घटना को कई शब्दों की अपेक्षा अधिक प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकती है।

उन्होंने “हर तस्वीर एक कहानी कहती है” की अवधारणा पर जोर देते हुए विषय, दृष्टिकोण, फ्रेम, संरचना और सही क्षण के चयन के महत्व को समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से प्रभावी फोटोग्राफी करने की तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही दृष्टिकोण और रचनात्मकता के माध्यम से प्रभावशाली तस्वीरें ली जा सकती हैं।

तीसरे तकनीकी सत्र में संजय बोस ने एक फोटोग्राफर की सोच और उसकी दृष्टि पर चर्चा की। उन्होंने समझाया कि एक फोटोग्राफर किसी दृश्य को केवल देखता नहीं, बल्कि उसे अलग दृष्टिकोण से समझता और उसकी संभावनाओं को पहचानता है।

उन्होंने बताया कि तस्वीर लेने से पहले विषय का अवलोकन, सही दृष्टिकोण का चयन और विचार को एक प्रभावशाली फ्रेम में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेहतरीन फोटोग्राफी केवल महंगे उपकरणों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि फोटोग्राफर की सोच, कल्पनाशीलता, अवलोकन क्षमता और दृष्टिकोण उसे प्रभावशाली बनाते हैं।

तकनीकी सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के इतिहास, तकनीकी विकास, दृश्य कहानी कहने की कला, मोबाइल फोटोग्राफी तथा एक फोटोग्राफर की रचनात्मक सोच से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।

विशेषज्ञों के अनुभव और व्यावहारिक सुझावों ने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी को केवल एक कला के रूप में नहीं, बल्कि पत्रकारिता, जनसंचार, दस्तावेजीकरण और सामाजिक अभिव्यक्ति के प्रभावशाली माध्यम के रूप में समझने का अवसर प्रदान किया।

एसबीयू के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान ने ‘पिक्सेल स्पंदन 2026’ के आयोजन पर शुभकामना संदेश प्रेषित किया है।

हमारे साथ जुड़ें

व्‍हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्‍वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

यहां सीधे पढ़ें खबरें

खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्‍य खबरें भी पढ़ सकते हैं।

आप अपने न्‍यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्‍टाग्राम, X, स्‍वदेशी एप arattai सहित अन्‍य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्‍दी न्‍यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *