केरल। रिफंड नहीं देने पर Amazon को झटका लगा है। अब कंपनी को जुर्माना भी देना होगा। तय समय सीमा में भुगतान नहीं करने पर ब्याज भी देना होगा। यह मामला केरल के कन्नूर का है।

कन्नूर के चालद की रहने वाली पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनिमा एम ने 22 सितंबर, 2025 को अमेज़न से 1,945.30 रुपये में Skechers ब्रांड के पुरुषों के कैजुअल ब्लैक शूज ऑर्डर किए थे। उन्होंने 5,200 रुपये के ऑर्डर के हिस्से के रूप में इसके लिए GPay के जरिए भुगतान किया था।
जूते अगले ही दिन 23 सितंबर, 2025 को डिलीवर हो गए, लेकिन बॉक्स खोलते ही अनिमा हैरान रह गईं। अनिमा ने पूरी तरह से ब्लैक (Black) जूता ऑर्डर किया था। हालांकि, अमेज़न ने जो जूता भेजा उसका सोल सफेद था। यह वेबसाइट पर लिस्टेड तस्वीर से बिल्कुल अलग था।
अनिमा ने अगले ही दिन 24 सितंबर को प्रोडक्ट रिटर्न कर दिया। अमेज़न ने रिटर्न स्वीकार किया। एक हफ्ते में रिफंड देने का वादा किया, लेकिन रिफंड कभी नहीं आया। रिफंड देने के बजाय अमेज़न ने अनिमा को मैसेज भेजा, ‘आपका रिटर्न संभवतः ट्रांजिट (रास्ते) में खो गया है।‘
कंपनी ने इसके बाद न तो रिफंड दिया और न ही कोई समाधान निकाला। इसके बाद अनिमा ने कन्नूर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का रूख किया। जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद भी अमेज़न का कोई प्रतिनिधि आयोग के सामने पेश नहीं हुआ और ना ही कंपनी ने कोई लिखित जवाब दाखिल किया। इसके बाद फोरम ने एकतरफा कार्रवाई की।
अनिमा ने सबूत के तौर पर मूल टैक्स इनवॉइस, अमेज़न का चैट मैसेज, बैंक स्टेटमेंट और प्रोडक्ट लिस्टिंग का स्क्रीनशॉट सहित 7 दस्तावेज पेश किए। फोरम के अध्यक्ष रवि सुशा और सदस्य मोलीकुट्टी मैथ्यू व सजीश के.पी. की पीठ ने पाया कि अमेज़न ने गलत सामान भेजा। शिकायतकर्ता ने उसे तुरंत लौटा दिया था।
आयोग ने 30 जून, 2026 को दिए अपने फैसले में अमेज़न को ‘सेवा में कमी’ (Deficiency in Service) का दोषी पाया। फोरम ने कंपनी को जूतों की कीमत वापस करने के साथ-साथ मानसिक प्रताड़ना के लिए मुआवजा और कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है।
उपभोक्ता आयोग ने अमेज़न को जूते की मूल कीमत (रिफंड) ₹1,945.30, मानसिक प्रताड़ना का मुआवजा ₹ 8,000, मुकदमेबाजी का खर्च ₹ 4,000 यानी कुल ₹ 13,945.30 देने का आदेश दिया है।
फोरम ने अमेज़न को आदेश की कॉपी मिलने के 30 दिनों के भीतर इस राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। यदि कंपनी तय समय में भुगतान नहीं करती है, तो रिफंड और मुआवजे की कुल राशि (9,945.30 रुपये) पर आदेश की तारीख से लेकर भुगतान के दिन तक 9 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देना होगा।
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।
हमारे साथ जुड़ें
व्हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

