विवेक चौबे
गढ़वा। जिले के हरिहरपुर ओपी क्षेत्र में सोन नदी तट से रात में हो रहे अवैध बालू खनन ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रोज शाम ढलते ही दर्जनों ट्रैक्टर अवैध बालू लेकर गांव की सड़कों पर दौड़ने लगते हैं। यह सिलसिला सुबह तक चलता रहता है।
नींद हराम, बीमार-बुजुर्ग परेशान
ग्रामीणों के अनुसार बालू लदे ट्रैक्टर घनी आबादी से होकर गुजरते हैं। रातभर तेज आवाज और लगातार आवाजाही से ध्वनि प्रदूषण बढ़ गया है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। लोगों का कहना है कि रात में चैन की नींद लेना भी मुश्किल हो गया है।
सड़कें टूट रहीं, उड़ रही धूल
भारी वाहनों के लगातार चलने से गांव की सड़कें जगह-जगह टूट चुकी हैं। उड़ती धूल से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी हो रही है। तेज रफ्तार ट्रैक्टरों की वजह से हादसे का खतरा भी बना रहता है।
राजस्व का हो रहा नुकसान
स्थानीय लोगों ने कहा कि बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर बालू की निकासी हो रही है, जिससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
रात में ही क्यों होती है ढुलाई
ग्रामीणों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, “अगर बालू ढुलाई वैध है तो रात के अंधेरे में क्यों होती है, दिन में क्यों नहीं?” लोगों का आरोप है कि रात में कई बार नाबालिग भी ओवरस्पीड ट्रैक्टर चलाते देखे गए हैं। पूर्व में बालू लदे वाहनों से कई हादसे हो चुके हैं, फिर भी प्रशासनिक कार्रवाई न के बराबर है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध खनन और ढुलाई पर तुरंत रोक लगाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।
हमारे साथ जुड़ें
व्हाट्सएप ग्रुप
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK
स्वदेशी एप ग्रुप
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230

