अब हर साल फीस नहीं बढ़ा सकेंगे प्राइवेट स्‍कूल, कई और भी पाबंदियां लगी

झारखंड
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  • कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य
  • उल्लंघन करने पर ₹50 हजारसे ₹2.5लाख तक जुर्माना

रांची। झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुपालन को लेकर रांची जिले में प्राइवेट स्‍कूलों के शुल्क निर्धारण, पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए गठित जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की प्रथम बैठक समाहरणालय में उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को हुई।

बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राइवेट स्‍कूलों में शुल्क निर्धारण की पारदर्शी प्रक्रिया तय करना, विद्यालयों से संबंधित विभिन्न शिकायतों (जैसे शुल्क, पुस्तकें, परिवहन, पोषाक आदि) के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था करना था। इस समिति के गठन से अभिभावकों पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करने और शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना है।

फीस का निर्धारण

सभी मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्‍कूल अपने विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी।

10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा।

शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी।

विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी।

शुल्क समिति व PTA का गठन

प्रत्येक प्राइवेट स्‍कूलों को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन अनिवार्य रूप से करना है।

जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियां पहले ही गठित हो चुकी हैं। जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है।

शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी।

शुल्क समिति एवं PTA से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट और सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी।

पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश

सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

CBSE के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय NCERT की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते।

पुस्तकों में बदलाव केवल पांच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा।

विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं।

बस भाड़ा के निर्देश

परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी।

सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है।

ड्रेस संबंधी नियम

पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 5 वर्ष के अंतराल पर PTA की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से पोशाक खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

विद्यालय भवन या कमरों का उपयोग पोषाक की बिक्री के लिए नहीं किया जा सकेगा।

अभिभावक खुले बाजार से पोशाक खरीद या सिलवा सकते हैं। विद्यालय को केवल डिजाइन, रंग आदि का विवरण सार्वजनिक करना होगा।

अन्य शुल्क संबंधी निर्देश

बस शुल्क सहित कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क (चाहे किसी भी नाम से हो) को मासिक शुल्क में सम्मिलित माना जाएगा। इनकी वृद्धि भी शुल्क निर्धारण प्रावधानों के अधीन ही होगी।

वार्षिक परीक्षा संबंधी

किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से नहीं रोका जा सकेगा।

परीक्षा के समय कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

छात्र को TC/परित्याग प्रमाण-पत्र/PEN नियमानुसार समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

नामांकन संबंधी

प्रवेश आवेदन पत्र के लिए केवल युक्तिसंगत एवं वास्तविक लागत के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा।

अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए पुनः नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा।

RTE अधिनियम के अंतर्गत कमजोर एवं वंचित वर्ग के छात्रों के लिए प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से भरनी होंगी।

समस्‍या बता सकते हैं

अभिभावक अपनी शिकायत कर अपनी समस्या बता सकते हैं। शिकायत लिखित रूप से कमरा संख्या 105, ब्लॉक-ए, समाहरणालय भवन, रांची में जमा की जा सकती है। क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी (रांची सदर) सुश्री जुही रानी को शिकायत निवारण के लिए नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है।

शिकायत रांची जिला प्रशासन के बनाए अबुआ व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर भी की जा सकती है।

₹2.5 लाख तक जुर्माना

उपायुक्त ने सभी प्राइवेट स्‍कूलों को निर्देश दिया कि वे उपरोक्त प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन करें। उल्लंघन की स्थिति में अधिनियम के अनुसार ₹50,000 से ₹2.5 लाख तक का जुर्माना तथा गंभीर मामलों में विद्यालय की RTE अनापत्ति वापिस लेने की कार्रवाई की जा सकेगी।

बैठक में ये भी मौजूद

बैठक में सांसद प्रतिनिधि लोकसभा क्षेत्र रांची, लोहरदगा एवं ख़ूंटी। विधायक प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र रांची एवं खिजरी। जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला जन संपर्क पदाधिकारी श्रीमती उर्वशी पांडेय एवं जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज एवं सम्बंधित पदाधिकारी एवं सभी स्कूल के प्रतिनिधि, अभिभावक सदस्य उपस्थित थे।

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