- एसडीएम व एसडीपीओ ने अधिकारियों और पुलिस बल के साथ चलाया सर्च अभियान
विश्वजीत कुमार रंजन
गढ़वा। एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में शहर के उंचरी क्षेत्र की गलियों में अवैध बूचड़खानों के विरुद्ध व्यापक सर्च अभियान शनिवार को चलाया गया। लगभग एक घंटे तक चले इस अभियान के दौरान अस्थाई टिन शेड नुमा कमरों में चल रहा एक अवैध बूचड़खाना मिला। यहां से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पशु अवशेष व अन्य अवैध सामग्री बरामद हुई। सर्च टीम में मौके पर मौजूद जिला पशुपालन पदाधिकारी ने प्रथम दृष्टया यह मामला गौकशी से संबंधित होने की पुष्टि की।
इसके बाद एसडीएम के आदेश पर त्वरित कार्रवाई की गई। बरामद अवशेषों को विधि सम्मत प्रक्रिया अपनाकर वीडियोग्राफी कराते हुए जमीन में गाड़कर निस्तारित किया गया है। नमूनों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। एसडीएम ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पशुपालन पदाधिकारी, नगर परिषद और थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है।
एसडीएम ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उंचरी क्षेत्र में अवैध बूचड़खानों के संचालन की लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। हाल ही में तिलैया नदी के निकट बने श्मशान घाट के पास गोवंशीय पशुओं के अवशेष फेंकने संबंधी एक लिखित शिकायत भी उपायुक्त को मिली थी। इसके आधार पर एसडीएम संजय कुमार के स्तर से कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई। इसके लिए दो दिन पूर्व संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई की योजना बनाई गई थी।
निर्धारित रणनीति के तहत शनिवार को एसडीपीओ नीरज कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी विद्यासागर सिंह, अंचल अधिकारी सफी आलम, नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री, पुलिस निरीक्षक सुनील कुमार तिवारी, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, नगर प्रबंधक आदि के अलावा भारी पुलिस बल के साथ लगभग 1 घंटे तक उंचरी मोहल्ले की कई गलियों में सघन सर्च अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान उंचरी रेल लाइन के समीप ईटों और टीन शेड की मदद से निर्मित दो अस्थायी संरचनाओं के बाहर हड्डियां पाई गईं। दुर्गंध आने पर संदेह के आधार पर ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर चमड़ा, प्रतिबंधित पशु अवशेष एवं अन्य सामग्री मिलने से गोकशी के पर्याप्त साक्ष्य मिले।
इसके पश्चात अनुमंडल पदाधिकारी एवं एसडीपीओ के निर्देश पर पशुपालन विभाग, नगर परिषद एवं पुलिस की टीम द्वारा सभी सामग्रियों को बाहर निकालकर विधिवत वीडियोग्राफी कराते हुए निस्तारण की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान डर से आसपास के लोग भाग खड़े हुए थे या बताने को तैयार नहीं थे। मौके पर अंचल अमीन, राजस्व कर्मचारी आदि को बुलाकर जमीन की विवरणी निकलवाई गई। अंचल अधिकारी से इस संबंध में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है कि उक्त बूचड़खाना जिस जमीन पर चल रहा था, उसका भू स्वामी कौन है।
मौके पर गोवंशीय पशुओं के कान में लगने वाले बारकोड युक्त कुछ टैग भी मिले। उनकी भी जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन गोवंशीय पशुओं का वास्तविक मालिक कौन था और उन पशु मालिकों पर भी विधि सम्मत कार्रवाई हो सके।
एसडीएम संजय कुमार तथा एसडीपीओ नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अनैतिक और गैरकानूनी कारोबार करने वाले अपराधियों की धर-पकड़ के लिए नियमित कार्रवाई होगी। जांच में उजागर होने पर दोषियों पर झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम 2005 के तहत कठोर कार्रवाई होगी।
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