रांची। बीआईटी मेसरा में एक-दिवसीय विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन 4 फरवरी 2026 को रिमोट सेंसिंग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग में किया गया। इसका विषय ‘उपग्रह आंकड़ों का उपयोग करते हुए फीनो-कैम आधारित वन फीनोलॉजी निगरानी कार्यक्रम’ था।
इस कार्यशाला का संयुक्त रूप से आयोजन रीजनल रिमोट सेंसिंग सेंटर–ईस्ट, नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर, इसरो और बीआईटी मेसरा ने किया। कार्यशाला में झारखंड वन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं शोधार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की।
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि रंजन ने जलवायु-अनुकूल वन प्रबंधन रणनीतियों की आवश्यकता पर बल दिया। वन प्रशासन एवं प्रबंधन में भू-स्थानिक उपकरणों की व्यावहारिक उपयोगिता को रेखांकित किया।
बीआईटी के कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने झारखंड के वनों में फीनो-कैम टॉवर की स्थापना के लिए इसरो की पहल का स्वागत किया। इसे जलवायु प्रभावों को समझने के लिए उन्नत अनुसंधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
इसरो के ग्रुप डायरेक्टर (एनआरएससी) डॉ. के. चंद्रशेखर ने पृथ्वी अवलोकन एवं जलवायु अनुप्रयोगों में इसरो की पहलों पर प्रकाश डाला। उप महाप्रबंधक (आरआरएससी-ईस्ट, एनआरएससी, इसरो) डॉ. वर्गीस ए. ओ. ने दीर्घकालिक वन निगरानी के लिए भू-आधारित अवलोकनों एवं उपग्रह आंकड़ों के एकीकरण के महत्व पर जोर दिया।
बीआईटी मेसरा के विभागाध्यक्ष (रिमोट सेंसिंग एवं जियोइन्फॉर्मेटिक्स विभाग) प्रो. ए. पी. कृष्णा ने जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में फीनोलॉजी अध्ययनों की शोध एवं सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. नीरज प्रियदर्शी, वैज्ञानिक–एसएफ, एनआरएससी, इसरो एवं परियोजना के प्रधान अन्वेषक द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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