कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां के किसानों को एमएसपी की सौगात दी है।
केंद्र सरकार ने जूट उत्पादक किसानों को राहत देते हुए 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य 275 रुपए बढ़ाने का फैसला किया है।
अब किसानों को कच्चे जूट पर 5,925 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी मिलेगा।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में लिया गया। खास बात यह रही कि बैठक प्रधानमंत्री के नये कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में हुई।
जानें क्या होगा फायदा
कैबिनेट के फैसले से बंगाल और असम के जूट उगाने वाले किसानों को होगा फायदा।
टीडी-3 ग्रेड के कच्चे जूट पर किसानों को उत्पादन पर 61.8 प्रतिशत का लाभ मिलेगा।
भारतीय जूट निगम केंद्र सरकार की नोडल एजेंसी बना रहेगा।
परिचालन में होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी भरपाई केंद्र सरकार करेगी।
बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार एमएसपी को उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुणा रखने की नीति पर कायम है।
उन्होंने कहा कि 2026-27 के लिए घोषित MSP देशभर की औसत उत्पादन लागत से 61.8 प्रतिशत अधिक लाभ सुनिश्चित करेगा।
पिछले मार्केटिंग सीजन 2025-26 में कच्चे जूट का एमएसपी 5,650 रुपए प्रति क्विंटल था। इसे अब बढ़ाकर 5,925 रुपए कर दिया गया है।
सरकार का कहना है कि यह कदम जूट किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें बेहतर मूल्य दिलाने के लिए उठाया गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2014-15 में कच्चे जूट का MSP 2,400 रुपए प्रति क्विंटल था, जो अब बढ़कर 5,925 रुपए हो गया है। पिछले एक दशक में एमएसपी में करीब 247 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


