सीएमपीडीआई में पर्यावरण मंजूरी प्रस्तावों में सुधार पर हुई कार्यशाला

झारखंड
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रांची। सीएमपीडीआई के ‘‘कोयल हॉल’’ में ‘पर्यावरण मंजूरी (ईसी) प्रस्तावों को प्रस्तुत करने में सुधार’ विषय पर इंटर-एैक्टिव कार्यशाला का आयोजन 3 दिसंबर को किया गया। इसमें विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (ईएसी), पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, कोल इंडिया, इसकी सहायक कंपनियों और सीएमपीडीआई के क्षेत्रीय संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का उद्देश्य सीएमपीडीआई, कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के बीच समन्वय को मजबूत करना और प्रचलित पर्यावरण मानदंडों के अनुरूप अधिक सुदृढ़, अनुपालनशील और कुशल ईसी प्रस्तावों को सुगम बनाना है। मौके पर निदेशक (तकनीकी/ईएस) राजीव कुमार सिन्हा, क्षेत्रीय निदेशक, महाप्रबंधक/विभागाध्यक्ष और संबंधित विभाग के कर्मी उपस्थित थे।

उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए कोल इंडिया के निदेशक (तकनीकी) अच्युत घटक ने सामाजिक-आर्थिक परिप्रेक्ष्य से कोयला खदानों में स्थिरता के महत्व को रेखांकित किया। इस बात पर जोर दिया कि जिम्मेदार खनन में ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

इस अवसर पर सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह ने ईसी सबमिशन में सुधार लाने पर केंद्रित इस संवादात्मक मंच के आयोजन के लिए सीएमपीडीआई की सराहना की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से इस अवसर पर पूर्ण उपयोग करने, विशेषज्ञों के साथ सक्रिय रूप से संवाद करने और सकारात्मक एवं समाधान-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ सीख को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध होने का आग्रह किया। 

ईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक सतीश झा ने वीसी के माध्यम से इसमें भाग लिया। उन्होंने परियोजना प्रस्तावकों (पीपी) द्वारा प्रस्तुत पर्यावरण संरक्षण प्रस्तावों और एमओईएफ एंड सीसी की अपेक्षाओं के बीच व्यवस्थित रूप से अंतर की पहचान करने की आवश्यक पर बल दिया। कहा कि इन अंतरों को दूर करने से कोयला खनन परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिलेगी।

उद्घाटन सत्र में, सीएमपीडीआई के महाप्रबंधक (पर्यावरण) वीके पांडेय ने कार्यशाला के उदृदेश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की। तत्पश्चात् दिन भर में कई केंद्रित तकनीकी सत्र और संवाद हुए।

ईएसी (कोयला एवं तापीय) के सदस्य सचिव सुंदर रामनाथन ने ‘‘ईसी प्रस्ताव प्रस्तुत करना’’ और ईसी प्रस्ताव तैयार करने और प्रस्तुत करने के महत्वपूर्ण पहलू’’ पर व्याख्यान दिया, जिसमें सामान्य कमियां और सर्वोत्तम पद्धतियां शामिल थीं।

इसके बाद क्लस्टर दृष्टिकोण और ग्रीनफील्ड परियोजनाओं, खुली खदान, भूमिगत खदान ग्रीनफील्ड और वन भागीदारी वाली ब्राउनफील्ड परियोजनाओं से संबंधित ईसी मुद्दों पर सत्र आयोजित किए गए।

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