रांची। आईआईएम रांची में स्पोर्ट्स एनालिटिक्स पाठ्यक्रम के अंतर्गत 9 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों के साथ विशेष सत्र का आयोजन हुआ। इस अवसर पर भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर नेहा गोयल, बेल्जियम पुरुष हॉकी टीम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी टॉम बून, पूर्व भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी एवं वर्तमान में रांची रॉयल्स टीम की कोच पूनम टोप्पो और रांची रॉयल्स टीम के हेड ऑफ ऑपरेशंस नितेश बा अतिथि के रूप में शामिल हुए। सत्र का संचालन प्रो. अंबुज आनंद और प्रो. आर. विवेकानंद ने किया।
सत्र के दौरान खिलाड़ियों ने अपने खेल जीवन, प्रारंभिक संघर्ष, पेशेवर अनुभवों और आधुनिक खेल तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। नेहा गोयल ने अपनी प्रेरक यात्रा साझा करते हुए बताया कि आठ वर्ष की आयु में उन्होंने कपड़े और जूते पाने के लिए हॉकी स्टिक थामी थी। कभी यह नहीं सोचा था कि यही उनका करियर बन जाएगा।
निरंतर कठिन परिश्रम और समर्पण से उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि भारत में खेल संस्कृति धीरे-धीरे बदल रही है। हॉकी जैसे ऐतिहासिक खेल को युवाओं के बीच और अधिक लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है।
बेल्जियम के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी टॉम बून ने बताया कि उनके देश में बच्चों के लिए एथलेटिक्स अनिवार्य है। परिवार में सभी हॉकी को बतौर स्पोर्ट्स पसंद करते हैं। उन्होंने चार वर्ष की उम्र में खेल शुरू किया और 18 वर्ष की आयु में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बने। टॉम अब तक चार ओलंपिक और चार विश्व चैंपियनशिप खेल चुके हैं।
पूनम टोप्पो ने बताया कि ओडिशा में आये दिन स्थानीय हॉकी टूर्नामेंट होते हैं, जिन्हें देखकर हॉकी के प्रति उनकी रुचि जगी। शुरुआती दिनों में उन्होंने स्थानीय क्लबों से जुड़कर पुरस्कार राशि के लिए खेला। बाद में बेहतर प्रशिक्षण के लिए भारतीय कैंप और फिर भारतीय टीम में जगह बनायी। 2008 में चोट लगने के कारण खेल मैदान से दूरी बनी, लेकिन दक्षिण पूर्व रेलवे से जुड़कर रेलवे हॉकी टीम की कोच बनीं। वर्तमान में हॉकी इंडिया लीग में रांची रॉयल्स की कोच हैं।
रांची रॉयल्स टीम के हेड ऑफ ऑपरेशंस नितेश बा ने बताया कि वे पेशे से फिजियोथेरेपिस्ट हैं। कार्य के दौरान हॉकी से जुड़े। वर्ष 2025 में हॉकी इंडिया लीग के लिए टीम गोनासिका का गठन किया और 2026 में झारखंड सरकार के सहयोग से रांची रॉयल्स टीम बनाई, जिसमें शीर्ष राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को शामिल किया।
प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान खिलाड़ियों ने कहा कि भारत में क्रिकेट को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि हॉकी सहित अन्य खेलों में भी व्यापक संभावनाएं हैं। हाल के दिनों में खिलारियों को बेहतर प्रशिक्षण और प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया जाता है, खिलारियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए – जीपीएस ट्रैकर, एक्सेलेरोमीटर, जाइरोस्कोप और मैग्नेटोमीटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे खिलारियों में डेटा आधारित सुधार संभव हो रहा है।
यहां सीधे पढ़ें खबरें
खबरें और भी हैं। इसे आप अपने न्यूज वेब पोर्टल dainikbharat24.com पर सीधे भी जाकर पढ़ सकते हैं। नोटिफिकेशन को अलाउ कर खबरों से अपडेट रह सकते हैं। साथ ही, सुविधा के मुताबिक अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं।
आप अपने न्यूज वेब पोर्टल से फेसबुक, इंस्टाग्राम, X, स्वदेशी एप arattai सहित अन्य सोशल मीडिया पर भी जुड़ सकते हैं। खबरें पढ़ सकते हैं। सीधे गूगल हिन्दी न्यूज पर जाकर खबरें पढ़ सकते हैं। अपने सुझाव या खबरें हमें dainikbharat24@gmail.com पर भेजें।
हमारे साथ इस लिंक से जुड़ें
स्वदेशी एप पर इससे जुड़ें
https://chat.arattai.in/groups/t43545f313238383036363337343930333731343936395f32303030323937303330392d47437c3031303131353032363138323137353934323036313934393230
व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
https://chat.whatsapp.com/H5n5EBsvk6S4fpctWHfcLK


