- नशीली पदार्थों का तस्करी करना अपराध : राजेश कुमार सिन्हा
रांची। झालसा के निर्देश पर न्यायायुक्त-सह-अध्यक्ष के मार्गदर्शन में 30 अक्टूबर, 2025 को डब्ल्यू जॉन मल्टीपर्पस बोर्डिंग स्कूल, नगड़ी में नशा मुक्ति पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, लाइफ सेवर्स एनजीओ के प्रमुख अतुल गेरा, इंसपेक्टर सीआईडी रिजवान अंसारी, इंस्पेक्टर एनसीबी संजीत कुमार, सब-इंस्पेक्टर, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, रॉटरी क्लब ऑफ रांची साउथ के सदस्य, पीएलवी सम्पा दास, प्रीति पाल, भारती शाहदेव, उमेश कुमार, राजा वर्मा एवं अन्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि अफीम या पोस्ता के उत्पादन या कब्ज़े पर एनडीपीएस अधिनियम-1985 के तहत मात्रा के आधार पर 20 साल तक के कठोर कारावास एवं 2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा हो सकती है। बार-बार अपराध करने पर मृत्युदंड तक दिया जा सकता है।
कांके स्थित पुनर्वास केंद्रों के साथ-साथ एनजीओ भी नशा करने वालों को ठीक करने में मदद करते हैं। सीआईपी और रिनपास में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का लिगल एड क्लिनिक है, जहां नशा करनेवाले व्यक्तियों का इलाज किया जाता है।
अतुल गेरा ने कहा कि नशा हमारे देश को खोखला कर रहा है। नशा से बचने के लिए छात्र-छात्राओं को जागरूक करना जरूरी है। नशा के पेडलर नवयुवक एवं छात्रों को इस व्यवसाय में आसानी से उपयोग करते है, जिससे हमलोगों को सचेत रहना है। किसी भी तरह का ड्रग्स पेडलरों के द्वारा दिये जा रहे लालच में न आये। नशा से तन-मन-धन की हानि होती है। नशा के आदि लोग अंततः अपराध की ओर चले जाते है।
एनसीबी के संजीत कुमार ने कहा कि झारखंड में इस नशे की समस्या को रोकने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की भूमिका महत्वपूर्ण है। यह क़ानूनों के कार्यान्वयन और हितधारकों के बीच समन्वय के लिए ज़िम्मेदार है। नशे की दवाओं का उत्पादन और वितरण इस समस्या की जड़ तक पहुंचता है। अधिकांश तस्करी के गिरोह पकड़े नहीं जाते है। गृह मंत्रालय ने पिछले महीने मादक द्रव्यों के सेवन से संबंधित किसी भी संदेह की जानकारी देने के लिए आम जनता के लिए मानस हेल्पलाइन (टोल फ्री नंबर 1933) स्थापित की है।
सीआईडी के रिजवान अंसारी ने मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित जानकारी प्रदान की। मादक पदार्थों की तस्करी में बच्चों और नवयुवकों को कैसे उपयोग में लिया जा रहा है, इससे बचने के लिए उन्होंने छात्रों को बताया।
जागरुकता कार्यक्रम में सम्मिलित अन्य वक्ताओं ने भी नशा करने से होनेवाले दुरुपयोग के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में रॉटरी क्लब ऑफ रांची साउथ के सदस्यों ने भी अपना मंतव्य रखा। अंत में पम्पलेट और लिफलेट का वितरण भी किया गया।
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