
नई दिल्ली। डाक विभाग की वर्षों पुरानी दो सेवाएं कल यानी 1 सितंबर से बंद हो जाएगी। यह सेवा एक सौ साल से अधिक समय से चल रही थी। इसे अंग्रेजों के जमाने में शुरू की गई थी।
भारतीय डाक में वीपीपी (वैल्यू पेयबल पोस्ट) और पार्सल सेवा 1877 में शुरू हुई थी। इस सेवा का उद्देश्य मूल्यवान वस्तुओं की डिलीवरी सुनिश्चित करना था।
इसी तरह भारतीय डाक विभाग में रजिस्ट्री सेवा की शुरुआत भी साल 1877 में हुई थी। यह सेवा दस्तावेज़ों की सुरक्षित डिलीवरी, ट्रैकिंग और डिलीवरी के प्रमाण (प्रूफ ऑफ डिलीवरी) के लिए शुरू की गई थी, जो कानूनी रूप से मान्य होती थी।
इस बीच लोगों को जल्द सेवा प्रदान करने के लिए कई निजी कंपनियों ने कूरियर की शुरुआत की। इसे टक्कर देने के लिए भारतीय डाक ने 1986 में स्पीड पोस्ट सेवा शुरू की। इसका उद्देश्य देश भर में पत्रों और पार्सल की तेज एवं विश्वसनीय डिलीवरी प्रदान करना है।
अब डाक विभाग ने परिचालन दक्षता बढ़ाने और सेवाओं को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से 1 सितंबर 2025 से रजिस्ट्री सेवा को स्पीड पोस्ट के साथ विलय करने का निर्णय लिया है। अब रजिस्ट्री की सुविधाएं स्पीड पोस्ट में मिलेंगी। इसी तरह पार्सल की जगह भी स्पीड पोस्ट ही लेगा।
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