
लक्ष्मी प्रसाद सिंह
पलामू। प्रभारी प्राचार्य प्रो सूर्य मणि सिंह ने डॉ राम सुभग सिंह को अपना पदभार सौंपा। सचिव प्रफुल कुमार सिंह ने 18 जुलाई, 2025 को ही प्रो सूर्य मणि सिंह के स्थान पर डॉ राम सुभग सिंह को तत्काल प्रभाव से प्राचार्य नियुक्त कर दिया था। उन्होंने 19 जुलाई को योगदान भी दे दिया था। फिर विश्वविद्यालय ने नियमित शासी निकाय को भंग कर तदर्थ शासी निकाय गठित कर दिया। डॉ आनन्द कुमार को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त कर दिया।
विश्वविद्यालय के खिलाफ सचिव प्रफुल सिंह ने राज्यपाल के समक्ष लिखित शिकायत की। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने 14 अगस्त, 2025 को नियमित शासी निकाय को पुनर्बहाल कर दिया। इस कारण डॉ राम सुभग सिंह ही प्राचार्य मान्य हुए। प्रो सूर्य मणि सिंह ने कागजातों की विस्तृत सूची तैयार कर डॉ राम सुभग सिंह को संपूर्ण पदभार सौंप दिया। इन्हें प्राचार्य की कुर्सी पर बिठाया।
प्रो० सूर्य मणि सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा जांच समिति गठित की गई है। मेरा दावा है कि जांच समिति मुझे क्लीनचिट देगी। इतना ही नहीं, प्राक्कलन से कम खर्च पर निर्माण कार्य कराने और न्यूनतम दर पर खरीद करने के कारण जांच समिति मुझे शाबाशी भी देगी। मुझ पर भ्रष्टाचार का आरोप वही लोग लगा रहे हैं, जो पूर्व प्राचार्य के कार्यकाल में भ्रष्टाचार में भागीदार थे।
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