
- हेठ बालू-कोकदोरो गांव के मुख्य मार्ग में जगह-जगह बने गड्ढे
रांची। हुजूर, ये सड़क ही है। यकीन न हो तो आकर देख लें। यह सुदूर ग्रामीण नहीं, राजधानी रांची से सटा इलाका है। कांके प्रखंड मुख्यालय को जोड़ने वाली हेठ बालू से कोकदोरो ईदगाह तक की सड़क है। इसकी लंबार 3.5 किलोमीटर है। सड़क पर बने गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। जर्जर सड़क के कारण वाहन चालक आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। हल्की बारिश में भी सड़क पर चलना जोखिम भरा रहता है। पूरी सड़क पर छोटे-बड़े गड्ढों की भरमार है।
लोग हर जगह कर चुके हैं शिकायत
स्थानीय लोगों के मुताबिक 20 वर्ष पूर्व कोकदोरो ईदगाह से बालू श्मशान घाट पीसीसी सड़क बनी थी। इसकी ढलाई की परतें उखड़ गई हैं। इससे इस मार्ग पर चलना दूभर हो रहा है। थोड़ी सी बारिश से सड़क पर जलजमाव खतरनाक रूप ले लेता है। क्षेत्र के कोकदोरो, हेठ बालू, बालू, चौबे खटंगा, ओखरगढ़ा, जारा सहित आसपास गांव के ग्रामीण कई बार विधायक, सांसद, जिला प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारियों से इस बाबत शिकायत कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस है।
दुर्घटना का कारण बन रही जर्जर सड़क
लोगों को मजबूरी में इस सड़क से आवागमन करना पड़ रहा है। जो कई बार दुर्घटना का कारण भी बन जाता है। वाहन चालक रात को आवागमन करते समय गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जर्जर सड़क की हालत देखकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है। साथ ही सड़क किनारे पक्की नाली के अभाव में बरसात के दिनों में ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है।
मरम्मत की दरकार, विभाग का ध्यान नहीं
सड़क में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। जहां पर गड्ढे नहीं है, वहां पर गिट्टी, बोल्डर व नुकीले पत्थर बिखरे पड़े हैं। हल्की बारिश हुई तो पक्की नाली के अभाव में घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता है। इससे मार्ग और भी खतरनाक रूप ले लेता है।