टाटा स्टील के ओपन इनोवेशन प्रोग्राम मटीरियलनेक्स्ट के विजेता घोषि‍त

झारखंड
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  • विजेता टीम ने ‘CO2 से मेथनॉल के सस्टेनेबल और किफायती उत्पादन के लिए एकीकृत प्रौद्योगिकियां’ पर समाधान प्रस्तुत किया

जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में 11 मई को आयोजित ‘टाटा स्टील मटेरियलनेक्स्ट’ के चौथे संस्करण के फिनाले में जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) की टीम ‘ब्रीथ एप्लाइड साइंस प्रा. लि.  विजेता बनकर उभरी। टीम में रक्षित राघवन बेलूर, शान के आर और हरिता आर नाथ को प्रो सेबेस्टियन पीटर ने मेंटर किया था। टीम ने ‘CO2 से मेथनॉल के सतत और किफायती उत्पादन के लिए एकीकृत तकनीकों’ पर समाधान प्रस्तुत किया, जिसके लिए इसे 5 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा TIFR हैदराबाद की टीम ‘हाई एनर्जी जोन’ ने प्रथम उपविजेता का स्थान हासिल किया। उसने ‘उच्च-प्रदर्शन रिचार्जेबल जिंक-एयर बैटरी का विकास’ पर समाधान प्रदर्शित किया। सदस्यों में शामिल पल्लवी ठाकुर और सुभ्रा पट्टानायक को प्रो टीएन नारायणन ने मेंटर किया था। उन्हें 2.5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला।

एनआईटी राउरकेला की टीम ‘इंटरफेस आइकॉन’ और आईआईटी गुवाहाटी की टीम ‘ग्रेफेकॉन मैटेरियल्स’ ने – ‘हाइड्रोजन स्टोरेज टैंक के लिए हाइब्रिड कंपोजिट’ और ‘ग्राफीन के समरूप फैलाव के माध्यम से सतत टिकाऊ जियोपॉलीमर कोटिंग’ पर समाधानों को प्रस्तुत किया। संयुक्त रूप से द्वितीय उपविजेता का स्थान हासिल किया।

टीम इंटरफेस आइकन में सत्यरूप पटनायक, बीएनवीएस गणेश गुप्ता के और राजेश प्रुस्टी शामिल थे। उसे प्रो बंकिम चंद्र रे ने मेंटर किया थे। टीम ग्रेफेकॉन मैटेरियल्स में आर एस कृष्णा और नेहा सेठी शामिल थे। उसे प्रो बिरंची पांडा द्वारा मेंटर किया गया था। दोनों टीमों में से प्रत्येक को 1.0 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिला।

विजेताओं को बधाई देते हुए टाटा स्‍टील के वाइस प्रेसिडेंट (ग्रुप स्ट्रेटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन) पीयूष गुप्ता ने कहा, ‘देश के युवा इनोवेटर्स से मटीरियलनेक्स्ट 4.0 को मिली प्रतिक्रिया से हम रोमांचित हैं। दिखाए गए समाधान उत्कृष्ट थे। हमें विश्वास है कि उनके पास उद्योग में एक महत्वपूर्ण प्रभाव डालने की क्षमता है। टाटा स्टील में हम खुले नवाचार और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मटेरियल नेक्स्ट नवाचार और उद्यमिता की इस भावना को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्ट मंच है। हमें इस पहल का हिस्सा बनने और इन महत्वाकांक्षी इनोवेटर्स को मेंटरशिप, फंडिंग और मार्गदर्शन प्रदान करने पर गर्व है।’

शीर्ष आठ में शेष चार टीमों ने अपने अभिनव समाधान और विचारों के लिए 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार जीता। मैटेरियलनेक्स्ट के इस संस्करण में 158 अंतिम सक्रिय विचारों के साथ भारत भर के 40 से अधिक संस्थानों से पंजीकरण प्राप्त हुए। ‘अनुसंधान’ या ‘स्टार्ट-अप’ ट्रैक के माध्यम से विभिन्न उप-क्षेत्रों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए थे।

जबकि ‘अनुसंधान’ ट्रैक भारत भर के अकादमिक/अनुसंधान केंद्रों के पंजीकृत पीजी और पीएचडी छात्रों और शोध स्कॉलर्स के लिए खुला था, वहीं ‘स्टार्ट-अप’ ट्रैक ने इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स को सीड या सीरीज़ ए फंडिंग स्तर पर भाग लेने की अनुमति दी। मैटेरियलनेक्स्ट 4.0 में दोनों ट्रैक के तहत कुल चार थीम थीं – एप्लाइड नैनोमटेरियल्स, नोवेल कम्पोजिट्स, इमर्जिंग कंस्ट्रक्शन मैटेरियल्स और एनर्जी मैटेरियल्स। दोनों ट्रैकों पर, टीमों ने परियोजना विकास के अगले स्तर के लिए नकद पुरस्कार, मेंटरशिप और अनुदान के लिए प्रतिस्पर्धा की।

ग्रैंड फिनाले जूरी में प्रो बीएलवी प्रसाद (निदेशक, सीईएनएस-बैंगलोर), प्रो एएम कुठे (प्रोफेसर, वीएनआईटी-नागपुर), डॉ रामानुज नारायण (निदेशक, आईएमएमटी-भुवनेश्वर), पीयूष गुप्ता (वीपी, ग्रुप स्ट्रेटेजिक प्रोक्योरमेंट एंड सप्लाई चेन, टाटा स्टील), विनय वसंत महाशब्दे (चीफ, रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड प्रोडक्ट टेक्नोलॉजी) शामिल थे। अन्य उपस्थित प्रतिनिधियों में प्रौद्योगिकी और न्यू मेटेरियल बिज़नेस  डिवीज़न के चीफ, हेड, प्रिंसिपल साइंटिस्ट और शोधकर्ता शामिल थे।