- वाराणसी परिक्षेत्र में साढ़े 8 हजार से ज्यादा किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि के लिए डाकघरों में खोला खाता
वाराणसी (उत्तर प्रदेश)। किसानों को ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ की 13वीं किश्त का बेसब्री से इंतज़ार है। इनमें तमाम किसान ऐसे हैं, जिनका बैंक खाता आधार और मोबाईल नंबर से लिंक नहीं है। ऐसे किसानों की सरकार ने राशि रोक रखी है। ऐसे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने डाकघर के माध्यम से इनके आधार और मोबाईल लिंक्ड नए खाते खोलने की पहल की है। वाराणसी परिक्षेत्र में इसके तहत हाल ही में साढ़े 8 हजार से ज्यादा किसानों का खाता खोला जा चुका है।
वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में खुलने वाले बचत खातों और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से खुलने वाले खातों के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लिया जा सकता है। आईपीपीबी खाते अपने इलाके के डाकिया के माध्यम से भी खोले जा सकते हैं। मात्र आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर के माध्यम से आवेदक का आईपीपीबी खाता चंद मिनटों में ही खोला जाता है।
डाक विभाग के कर्मचारी भी किसानों को जागरूक करते हुए गांव-गांव शिविर लगाकर नए खाते खोल रहे हैं। इससे किसानों को आगामी किस्त से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। यही नहीं, खातों में किश्त प्राप्त होने के बाद किसान घर बैठे ही डाकिया के माध्यम से अपने खाते से राशि निकाल सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद की जाती है। किसानों को ये राशि हर 4 महीने के अंतराल पर तीन किस्तों में दो-दो हजार रुपये करके उनके खातों में डीबीटी माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।
- किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने डाकघर के माध्यम से इनके आधार और मोबाईल लिंक्ड नए खाते खोलने की पहल की है। मात्र आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर के माध्यम से आवेदक का आईपीपीबी खाता चंद मिनटों में ही खोला जाता है।- कृष्ण कुमार यादव, पोस्टमास्टर जनरल, वाराणसी परिक्षेत्र