नई दिल्ली। दिल्ली में हुई 49वीं जीएसटी काउंसिल मीटिंग में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की दो रिपोर्ट्स को काउंसिल द्वारा स्वीकार कर लिया गया है। 49 वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में वित्त मंत्री ने यह बात कही।
वित्त मंत्री ने कहा कि 16,982 करोड़ रुपये का सारा जीएसटी मुआवजा सैस क्लियर किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आज सारा बकाया जीएसटी कंपनसेशन सैस जारी कर दिया गया है। 49 वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित हुई। वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने इस बैठक की अध्यक्षता की।
इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राज्यों के वित्त मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में राज्यों ने वित्त वर्ष 2021-22 के जीएसटी मुआवजे की गलत गणना का मुद्दा उठाया था। इस बैठक से पहले सीतारमण ने कहा था कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने के लिए राज्यों को एक एग्रीमेंट पर पहुंचने की जरूरत है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई उत्पादों पर जीएसटी घटाने का फैसला लिया गया है। तरल गुड़ (लिक्विड जैगरी/राब) पर जीएसटी को 18 फीसदी से घटाकर 0 कर दिया गया है। वहीं, अगर यह प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड है, तो 5 फीसदी जीएसटी लगेगा। इसके अलावा पेंसिल-शार्पनर पर भी जीएसटी को घटाया गया है। पेंसिल और शार्पनर पर जीएसटी रेट को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है।
जीएसटी काउंसिल की बैठक में पान मसाला और गुटखा पर भी बड़ा फैसला हुआ है। अब पान मसाला और गुटखा पर उत्पादन के हिसाब से जीएसटी लगेगा। इन पर कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन लागू होगा। वित्त मंत्री ने बताया कि मोटे अनाज यानी मिलेट्स के बारे में जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में विचार किया जाएगा।


