तनाव से बचने के लिए आशावादी व सकारात्मक रहे : ज्ञान वत्‍सल स्‍वामी

झारखंड
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  • दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन पर परिचर्चा का आयोजन

रांची। आज के जीवन में ज्यादातर इंसान तनाव भरी जिंदगी जी रहे हैं। इसके बहुत कारण हो सकते हैं। इससे बचने के लिए हमें कार्यों में सकारात्मकता लानी होगी। अपने मन को स्थिर से रखना होगा। हम जो भी कार्य करें, उसके प्रति आशावादी व सकारात्मक रहे। जब भी हम इससे दूर होंगे, तब तनाव में स्वतः आ जाएंगे। उक्‍त बातें ज्ञान वत्सल स्वामी ने कही। वे 16 अगस्त को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रोड स्थित होटल ग्रीन एकर्स में आयोजित परिचर्चा में बतौर मुख्‍य मुख्य वक्ता बोल रहे थे। इसका विषय ‘दैनिक जीवन में तनाव प्रबंधन’ था।

स्‍वामी ने कहा कि कोई भी मनुष्य सर्वश्रेष्ठ नहीं हो सकता। सभी में कोई ना कोई कमी अवश्य है। हमें इसे स्वीकारना होगा। आत्ममंथन कर इसे ढूंढना एवं सुधारना है। उन्होंने कहा कि अगर हमें अपने कार्य करने में दूसरों की मदद या सहायता नहीं भी मिलती है, तो चिंतित होने के बजाय ईश्वर का नाम लेकर अपना काम करना है।

स्‍वामी ने कहा कि आपकी राह में कितनी भी मुश्किलें आए, घबराए नहीं। हर गहरी अंधेरी रात के बाद चमकता सूर्य सुबह लेकर ही आता है। उन्‍होंने नेलसन मंडेला और प्रमुख स्वामी की जीवन शैली के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए तनाव मुक्ति के सरल उपाय बताएं।

परिचर्चा के दौरान उन्होंने प्रमुख स्वामी जन्मशताब्दी समारोह की भी चर्चा की। यह अहमदाबाद में आगामी 13 दिसंबर, 2022 से 13 जनवरी, 2023 तक होगा। उन्होंने विस्तार से इसकी जानकारी दी। रांचीवासियों के इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम में स्वागत आनंद मानेक एवं धन्यवाद विनायक मेहता ने किया। इसके सफल आयोजन में चंद्रकांत रायपत, प्रकाश कमलिया, आलोक रावल एवं अन्य का योगदान रहा। कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता के साथ अन्य संतों में पूर्ण वत्सल दास, नित्य प्रकाश दास, निर्मल सेवादास, अक्षर नंदन दास एवं अमर निलय दास थे।