मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता सप्ताह पर सीआईपी में हुई लघु फिल्‍म प्रतियोगिता

झारखंड
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रांची। मानसिक स्वास्थ्य जागरुकता सप्ताह के तहत सीआईपी के मनोरोग सामाजिक कार्य विभाग ने 06 अक्‍टूबर को संस्‍थान के आरबी डेविस सभागार में लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतियोगिता का विषय ‘एक असमान दुनिया में मानसिक स्वास्थ्य’ था। यह हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया था। इसकी अध्यक्षता सीआईपी के निदेशक डॉ बासुदेब दास ने की। इसमें डॉ दीपंजन भट्टाचार्जी, डॉ प्रसाद के, सुश्री मिट्टू मुथु वर्गीस और संस्थान के अन्य संकाय एवं छात्र शामिल हुए थे।

कार्यक्रम का समन्वय विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ जेम्स जे डब्ल्यू द्वारा किया गया। इस अवसर पर 11 लघु फिल्में दिखाई गईं, जिन्हें देश के विभिन्न हिस्सों के विभिन्न संस्थानों के मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर, छात्र और प्रशिक्षुओं द्वारा प्रस्तुत किया गया था। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता मेघनाथ एवं सीआईपी में मनोचिकित्सा के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ रोशन वी खानंडे प्रतियोगिता के निर्णायक थे।

पहला प्राइज क्राइस्ट (डीम्ड-टू-बी) विश्वविद्यालय, बेंगलुरु से सारा सोसा बिनॉय द्वारा बनाई गई ‘ए वफल डेट’ नामक एक लघु फिल्म द्वारा जीता गया था। दूसरा प्राइज एमिटी यूनिवर्सिटी कोलकाता की अंकिता देबनाथ ने अपनी लघु फिल्म ‘मैनी माइंड्स, मैनी स्टोरीज’ के लिए जीती। तीसरी प्राइज कलकत्ता विश्वविद्यालय की छात्रा रजनीता नाग ने अपनी लघु फिल्म ‘क्वारंटाइन्ड’ के लिए जीती।

प्रतियोगिता के लिए प्रस्तुत सभी लघु फिल्में रचनात्मक थीं। मानसिक बीमारी को कलंकित करने, मानसिक स्वास्थ्य उपचार की आवश्यकता को पहचानने और समग्र रूप से मानसिक स्वास्थ्य को महत्व देने जैसी अवधारणाओं के इर्द-गिर्द घूमती थीं।