डॉक्टरों की कमी दूर करेगी नीतीश सरकार, इतने पदों पर जल्द होगी बहाली

बिहार
Spread the love

पटना। कोरोना काल में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए स्नातकोत्तर (पीजी)/ डिप्लोमा की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके मेडिकल छात्रों की 1995 पदों पर बहाली की जायेगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हाल ही में हुई कैबिनेट की बैठक में पीजी उत्तीर्ण छात्रों के लिए फ्लोटिंग पदों पर बहाली की मंजूरी दी गयी थी। 

इसके बाद, स्वास्थ्य विभाग ने 1995 फ्लोटिंग पदों के सृजन की स्वीकृति दे दी है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह बहाली संविदा के आधार पर तीन वर्षों के लिए होगी। स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य के अस्पतालों में मानव बल बढ़ाने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की है। 

विभाग द्वारा राज्य के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय से पीजी/डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों से बंध पत्र के अधीन तीन वर्षीय अनिवार्य सेवा के लिए कुल 1995 फ्लोटिंग पदों के सृजन की स्वीकृती देते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई की जा रही है। विभाग के अनुसार इन पदों पर नियोजन को लेकर छात्रों को प्रतिमाह 82 हजार रुपये मानदेय दिया जायेगा।

सीनियर रेजिडेंट/ ट्यूटर/ विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर होंगे तैनात
विभाग के अनुसार सृजित किये गए पदों पर पीजी/ डिप्लोमा की परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों कीसीनियर रेजिटेंड/ ट्वीटर/ विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में नियोजन होगा। नियोजित किये गए डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संविदा/ मानदेय के आधार अन्य नियोजित विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी के समतुल्य मानदेय देना होगा।

एक माह के अंदर होगी बहाली
विभागीय सूत्रों के अनुसार इन सृजित पदो के लिए बहाली की प्रक्रिया एक माह के अंदर पूरी की जाएगी। इसके लिए विभाग के द्वारा आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। 

इंटरव्यू और अंकों के आधार पर होगा नियोजन
सूत्रों के अनुसार सभी फ्लोटिंग पदों पर नियोजन के लिए इंटरव्यू और पीजी और यूजी की परीक्षा में प्राप्त प्राप्तांक के आधार पर होगा। इसके लिए पीजी/ डिप्लोमा उत्तीर्ण छात्रों को अपने अपने विषय में बहाली के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन लिए जाने की तिथि व अन्य प्रक्रिया जल्द ही जारी की जाएगी।

50 करोड़ 67 लाख रुपये होगा वार्षिक खर्च
विभाग के अनुसार इन पदों के विरुद्ध प्रथम वर्ष से लेकर तृतीय वर्ष तक वर्तमान में अधिकतम 515 पदों पर नियोजन हेतु प्रति वर्ष वार्षिक व्यय कुल 50 करोड़ 67 लाख 60 हजार आने की संभावना है। आने वाले वर्ष से इसके अतिरिक्त प्रति वर्ष और 150 छात्र पीजी/ डिप्लोमा में उत्तीर्ण होंगे। अतः 1995 फ्लोटिंग पदो के सृजन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्णय लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।