रांची । राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के तत्वावधान में एड्स दिवस पर राष्ट्रीय स्तरीय वर्चुअल वेबिनार का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय सेवा योजना के झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों से 110 कार्यक्रम पदाधिकारी और 225 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इसमें एड्स के विरुद्ध जन जागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया गया।
विश्व एड्स दिवस पर रांची आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई और आईसीटीसी के संयुक्त तत्वावधान में जागरुकता और रक्तदान का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता रिम्स की आईसीटीसी काउंसलर श्रीमती किरण सिंह ने की। जागरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस के स्वयंसेवकों को आईसीटीसी के पदाधिकारियों ने एड्स जागरुकता को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि व्यापक जनजागरण चलाकर ही एड्स को नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय सेवा योजना के 15 स्वयंसेवकों ने एड्स जांच कराई। आईसीटीसी की गतिविधियों को नजदीक से जाना। स्वयंसेवकों ने एड्स के विरुद्ध व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर विशेषकर युवाओं को जागरूक करने का निर्णय लिया।
रक्तदान का आयोजन डॉ कविता देवधारिया की देखरेख में किया गया। एनएसएस के स्वयंसेवक सुमित तिवारी ने रक्तदान किया। कार्यक्रम में श्रीमती किरण सिंह, श्रीमती अंजलि सिंह, श्रीमती कविता देवधरिया, सियाराम प्रसाद, रजनी किरण मिंज ने एड्स संक्रमण के बारे में बताया। इसकी रोकथाम के कई टिप्स दिये।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी अनुभव चक्रवर्ती, सुमित तिवारी, अन्नू कुमारी, दीपा कुमारी, दिव्यांशु अनुज, संकेत ओझा, अंजलि कुजूर, शुभम गुप्ता, प्रकाश कुमार, नेहा कुमारी आदि स्वयंसेवकों का योगदान रहा।