Jharkhand: एनआईए ने नक्सलियों के 4 ठिकानों पर मारा छापा, हिरासत में लिए गए गांव के दर्जन भर लोग, जानें पूरा मामला

अपराध झारखंड
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गिरिडीह। बड़ी खबर झारखंड के गिरिडीह से आई है, जहां राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मधुबन थाना क्षेत्र में नक्सलियों की तलाश में उनसे जुड़े लोगों के चार ठिकानों पर बुधवार की सुबह छापेमारी की। कार्रवाई में अलग-अलग राज्यों से जुड़े एनआईए के अधिकारी शामिल रहे।

केंद्रीय एजेंसी गांव के दर्जनभर लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। छापेमारी के दौरान कई लोगों के घरों से मोबाइल के अलावा महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। इन्हें जब्त कर लिया गया है। एनआईए ने आधा दर्जन लोगों को नोटिस थमा 27 जून को रांची स्थित अपने कार्यालय में बुलाया है।

बताया जाता है कि एनआईए की टीम मंगलवार की रात ही मधुबन पहुंच गयी थी। बुधवार की सुबह पांच बजे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नक्सली संगठन से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गयी। छापेमारी सुरेश तुरी, द्वारिका राय, अजीत राय और मनोज महतो के घर में की गयी।

इनमें से कई लोगों के घरों से नक्सली संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज एनआईए के हाथ लगे हैं। कई मोबाइल भी मिले हैं। अधिकारियों ने कई लोगों से घंटों कई मामलों में पूछताछ की। हालांकि अब तक गिरफ्तारी की कोई सूचना नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई में अलग-अलग राज्यों के एनआईए से जुड़े अधिकारी शामिल किये गये हैं। जांच गुरुवार को भी जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, दूसरे राज्यों में हुई नक्सली घटनाओं के तार पीरटांड़ इलाके से जुड़े बताये जाते हैं।

एनआईए की टीम मधुबन, ढोलकट्टा, दलान चलकरी, बिरनगड्डा, खरपोका और बंदखारो में कई लोगों के घरों में पहुंची। इन जगहों से कई लोगों को हिरासत लिये जाने की सूचना है।

एनआईए ने हिरासत में लेने के बाद उनसे काफी देर तक लेवी के साथ-साथ नक्सलियों से जुड़े कई सवाल किये। टीम ने प्रतिबंधित मजदूर संगठन समिति के कई लोगों से भी पूछताछ की है। इसके अलावा वैसे लोगों से भी पूछताछ की गयी, जो पहले नक्सली संगठन से जुड़े थे। साथ ही, कृष्णा उर्फ सौरभ की तस्वीर दिखाकर एनआईए के अधिकारी सत्यापन भी कर रहे थे।

बताया जाता है कि एनआईए की टीम ने आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को नोटिस थमाकर उन्हें 27 जून को रांची स्थित कार्यालय पूछताछ के लिए बुलाया है।

संदिग्धों से पूछताछ में लेवी और कई सफेदपोश से जुड़े संबंधित सवाल भी किये गये। एनआइए यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पारसनाथ के इलाके में नक्सली संगठन को कहां-कहां से आर्थिक सहायता मिल रही है। मामले में लेवी देने और लेनेवालों के संबंध में भी पूछताछ की गयी है। सूत्रों का कहना है कि लेवी देनेवालों के साथ-साथ नक्सलियों को समर्थन करनेवाले सफेदपोश भी एनआइए के रडार पर हैं।

सूत्रों का कहना है कि पारसनाथ इलाके में कई हार्डकोर नक्सली और इनामी नक्सलियों की गतिविधियां रही हैं। वस्तुस्थिति का पता लगाने के लिए एनआईए की टीम फिलहाल पीरटांड़ इलाके में कैंप किये है। पूछताछ की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। आज यानी गुरुवार को भी कई लोगों से पूछताछ होगी।

बताया जा रहा है कि मजदूर संगठन समिति से जुड़े लोगों की वर्तमान में किस तरह की गतिविधियां चल रही हैं और वे लोग वर्तमान में किस संगठन से जुड़े हैं, इसे भी खंगाला जा रहा है। हाल में गठित असंगठित मजदूर मोर्चा के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। बताया जाता है कि मजदूर संगठन समिति से जुड़े कई लोग मोर्चा में शामिल हो गये हैं। मोर्चा की गतिविधियों के संबंध में भी एनआइए पता लगा रही है।