ओडिशा 11 ने रोमांचक मुकाबले में झारखंड 11 को 157 रन से पराजित किया

अन्य राज्य खेल देश
Spread the love

  • टाटा स्टील माइनिंग की सुकिंदा क्रोमाइट खदान में दृष्टिहीन लोगों  के लिए अंतरराज्यीय क्रिकेट मैच का आयोजन

सुकिंदा (ओडिशा)। टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड (टीएसएमएल) ने टाटा स्टील फाउंडेशन (टीएसएफ) के सहयोग से बुधवार को यहां ओडिशा-11 और झारखंड-11 के बीच नेत्रहीनों के लिए सबल अंतरराज्यीय क्रिकेट कप का आयोजन किया।

20 ओवर का यह क्रिकेट मैच ओडिशा के जाजपुर जिले के सुकिंदा ब्लॉक में स्थित टीएसएमएल की सुकिंदा, क्रोमाइट माइन में स्थित स्टीवर्ट स्कूल के मैदान में खेला गया।

प्रभावशाली कौशल और बेजोड़ प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए दृष्टिहीन लोगों के लिए ओडिशा क्रिकेट एसोसिएशन और झारखंड में क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड के दृष्टिहीन खिलाड़ियों ने कुछ शानदार खेल कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों की खचाखच भीड़ ने जोरदार तालियों के साथ सराहा।

टीम झारखंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहली पारी में बल्लेबाजी करते हुए टीम ओडिशा ने शानदार 309 रन बनाकर टीम झारखंड के सामने 310 रन का लक्ष्य रखा।

दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी झारखंड की टीम 152 रन बनाकर आउट हो गयी और टीम ओडिशा ने 157 रन से जीत दर्ज की। 60 गेंदों में 130 रनों की तूफानी पारी खेलने वाले टीम ओडिशा के नकुल बदनायक को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।

इस कार्यक्रम में उपस्थित ओडिशा सरकार के अवर सचिव (सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारिता विभाग) सान्याशी बेहरा ने खुशी व्यक्त की। TSML और TSF द्वारा की गई पहल की प्रशंसा की।

चेयरमैन (टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड) डीबी सुंदरा रामम ने विजेता टीम ओडिशा-11 को ट्रॉफी प्रदान की। कहा, ‘हमें दिव्यांग व्यक्तियों को सही कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सही अवसर प्रदान करना चाहिए। मेरा मानना है कि टाटा स्टील फाउंडेशन और टाटा स्टील माइनिंग द्वारा की गई यह पहल निश्चित रूप से अन्य विशेष रूप से सक्षम लोगों को मुख्यधारा के खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी।‘

इस अवसर पर टाटा स्टील माइनिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पंकज सतीजा ने कहा, ‘एक जिम्मेदार खनन कंपनी के रूप में टाटा स्टील माइनिंग खेल प्रतिभाओं को खोज करना जारी रखती है। उनके कौशल को निखारती है। उन्हें उनके सपनों को साकार करने में मदद करती है। दिव्यांग व्यक्ति समाज का अभिन्न अंग हैं और इस तरह के आयोजन समावेशिता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं।‘

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *