निर्मला महाविद्यालय में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन

झारखंड
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रांची। निर्मला महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग ने दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इसका विषय ‘बदलते परिवेश में महिलाओं और युवाओं की भूमिका एवं समाज पर इसका प्रभाव’ था। इसे झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने प्रायोजित किया था।

संगोष्ठी के दूसरे दिन वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के डॉ असद मलिक ने मानवाधिकार से जुड़े मुद्दे और संबंधित कानूनों की चर्चा की। हैदराबाद खुला विश्वविद्यालय से आई के आरआर माधुरी ने जेंडर सेंसटाइजेशन के विविध पहलुओं पर अपना वक्तव्य दिया।

केंद्रीय मनश्चिकित्सा संस्थान, रांची के डॉ अनिरुद्ध मुखर्जी ने युवाओं में मद्यपान और व्यसन से जुड़ी हुई समस्याओं और उसके समाधान पर विचार प्रस्तुत किया। झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय की डॉ सुचेता सेन चौधरी ने आदिवासी महिलाओं के मुद्दों पर विस्तृत विवेचना की। संगोष्ठी में विभिन्न स्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपना अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।

समापन समारोह की मुख्‍य अतिथि रांची विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय अध्यक्ष डॉ अर्चना दुबे थी। उन्होंने कहा कि यह सेमिनार बहुत ही प्रासंगिक विषय पर हो रहा है। इससे निकलने वाले विविध पहलुओं और परिणामों को समाज के लिए उपयोग में लाया जाना चाहिए।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ सिस्टर ज्योति ने भी सेमिनार की सफलता पर शुभकामना दी। राष्ट्रीय संगोष्ठी की समन्वयक डॉ ज्योति प्रसाद ने 2 दिनों के संपूर्ण कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया कि 109 प्रतिभागियों ने इसमें हिस्सा लिया। आठ वक्ताओं ने विशेषज्ञ के तौर पर अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।

सुपीरियर सिस्टर सुषमा बैग ने आयोजन की सार्थकता और सफलता पर सभी को शुभकामना दी। समापन समारोह में निर्मला महाविद्यालय की विविध शिक्षिकाएं व छात्राएं उपस्थित रही। मंच संचालन डॉ सरवत जबीन और धन्यवाद डॉ इरा त्रिपाठी एवं डॉ विनीता सिन्हा ने किया।