Jharkhand : स्‍कूलों के निरीक्षण को लेकर शिक्षा सचिव ने जारी किये ये निर्देश

झारखंड शिक्षा
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रांची। झारखंड में संचालित सरकारी स्‍कूलों का निरीक्षण किया जाना है। इसे लेकर शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने दिशा-निर्देश जारी किया है। इसके तहत निरीक्षण के बाद पदाधिकारी स्‍कूल में सुधार का निर्देश देंगे। सुधार की जानकारी लेने के लिए एक माह बाद फिर उसी स्‍कूल का निरीक्षण करेंगे। शिक्षा सचिव ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक-सह- अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को इसका पालन करने का आदेश दिया है।

सचिव ने लिखा है कि कोविड-19 के कारण विद्यालय काफी समय से बंद था। विद्यालयों का निरीक्षण/अनुश्रवण नहीं किया जा रहा था। कोविड-19 के बाद विद्यालय खुल चुके हैं। यह आवश्यक है कि विद्यालय सही ढंग से संचालित हो। शिक्षक एवं छात्र ससमय विद्यालय आये। विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य सुचारू रूप से चले। इसके लिए यह आवश्यक है कि विद्यालयों का सतत निरीक्षण, अनुश्रवण एवं अनुपालन किया जाए।

प्रखंड, अनुमंडल, जिला और प्रमंडल स्तर पर कार्यरत शिक्षा सेवा अवर शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों द्वारा विद्यालयों का सतत एवं गुणवत्त निरीक्षण एवं अनुपालन किया जाना अत्यावश्यक है। शिक्षा/अवर शिक्षा सेवा के प्रत्येक पदाधिकारी प्रति माह विद्यालयों का निरीक्षण, अनुभवण एवं अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए लक्ष्‍य तय किया गया है।

सचिव ने लिखा है कि विद्यालयों के निरीक्षण, अनुश्रवण एवं अनुपालन के लिए राज्य स्तर से एक ‘गुणवंत शिक्षा निरीक्षण प्रतिवेदन’ प्रपत्र तैयार प्रेषित की जा रही है। उपर्युक्त पदाधिकारी नवंबर, 2022 से अपने अधीन चयनित विद्यालयों का निरीक्षण एवं अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

निरीक्षी पदाधिकारी विद्यालय निरीक्षण के बाद विद्यालय को अपनी अनुशंसाओं को क्रियान्वित करने के लिए एक माह का समय देते हुए उन्हें अपेक्षित सुधार के लिए निर्देशित करेंगे। एक माह के बाद निरीक्षी पदाधिकारी पुनः उसी विद्यालय का अनुपालन निरीक्षण करेंगे। अनुपालन निरीक्षण के दो माह के बाद निरीक्षी पदाधिकारी पुनः उसी विद्यालय का पुष्टिकरण निरीक्षण करेंगे।

एक निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा किसी विद्यालय का निरीक्षण किए जाने की स्थिति में अन्य पदाधिकारी उक्त विद्यालय का निरीक्षण, पुष्टिकरण निरीक्षण होने तक नहीं करेंगे।

जिला शिक्षा पदाधिकारी अपने अधिनस्थ शिक्षा/अपर शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों द्वारा किए जा रहे निरीक्षण, अनुपालन निरीक्षण एवं पुष्टिकरण निरीक्षण का व्यक्तिवार ब्यौरा अपने स्तर पर संधारित करेंगे। तय प्रपत्र में प्रतिमाह राज्य कार्यालय को ससमय उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

क्षेत्र से प्राप्त उपर्युक्त प्रतिवदेन का राज्य स्तर पर संकलन के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् के PMU अन्तर्गत कार्यरत परियोजना समन्वयक धर्मेन्द्र कुमार एवं अमित रंजन को जवाबदेही दी गई है। उन्हें आदेश दिया गया है कि ये क्षेत्र से प्राप्त उपर्युक्त प्रतिवदेन का संचालन कर संयुक्त शिक्षा सचिव अभिजीत सिन्हा के समक्ष उपस्थापित करेंगे। संयुक्त सचिव प्रतिवदेन के आधार पर इन विद्यालयों के विकास के लिए संबंधित जिलो को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत करेंगे।

सचिव ने लिखा है कि सभी पदाधिकारी नवंबर, 2022 से शुरू करते हुए आगे प्रत्येक माह में निर्धारित विद्यालयों का निरीक्षण, अनुश्रवण एवं अनुपालन कराना सुनिश्चित करेंगे। राज्य स्तर से निर्गत आदेश द्वारा नामित राज्य स्तरीय पदाधिकारी उन्हीं विद्यालयों का निरीक्षण-राह-अनुश्रवण करेंगे, जो शिक्षा/ अपर शिक्षा सेवा के पदाधिकारी द्वारा पूर्व में निरीक्षित किये गये हैं।

प्रतिमाह ये है लक्ष्‍य

क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक : 10 विद्यालय

जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी : 07 विद्यालय

जिला शिक्षा अधीक्षक राह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी : 07 विद्यालय

अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी : 10 विद्यालय

क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी : 10 विद्यालय

प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी : 15 विद्यालय