इस जिला अस्पताल का अकाउंटेंट रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

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जबलपुर। बुधवार को जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यह एक महीने में दूसरी बार लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई है.

लोकायुक्त पुलिस ने 8 हजार रुपये रिश्वत लेते बाबू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. रिश्वतखोर बाबू नीरज मिश्रा ने जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) का पैसा निकालने के एवज में एक कर्मचारी से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी.

लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नीरज मिश्रा जबलपुर जिला अस्पताल में लेखा शाखा का सहायक ग्रेड 3 कर्मचारी है. पीएचसी शहपुरा में पदस्थ नेत्र सहायक विनोद आकोटकर ने लोकायुक्त एसपी संजय साहू से रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी.

फरियादी ने जीपीएफ अकाउंट से 6 लाख 75 हजार रुपये निकालने का आवेदन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर में दिया था. राशि को निकालने के लिए लेखा शाखा में सहायक ग्रेड 3 नीरज मिश्रा ने दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी.

आठ हजार में मामला तय होने के बाद विनोद आकोटकर ने लोकायुक्त एसपी संजय साहू से शिकायत की. शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथ धर दबोचने की प्लानिंग की.

फरियादी को लोकायुक्त की रकम के साथ जिला अस्पताल भेजा गया. पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर बाबू को रंगे हाथ दबोच लिया. नीरज मिश्रा से लोकायुक्त की रकम भी बरामद कर ली गई.

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग में करीब एक माह पहले भी रिश्वतखोरी का एक मामला पकड़ा गया था. लोकायुक्त पुलिस के शिकंजे में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला लेखा प्रबंधक श्रद्धा ताम्रकार आई थी.