रिनपास में मरीजों के खाने में मिले चूहे का खुला राज, जानें पूरा मामला

झारखंड
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  • निदेशक ने कांके थाना में की शिकायत

कांके (रांची)। रिनपास में मरीजों के खाने में मरा हुआ चूहा मिलाया गया। इसका खुलासा पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। इसके बाद निदेशक डॉ जयति सिमलाई ने कांके थाना में शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी हो कि रिनपास झारखंड का सबसे बड़ा सरकारी मानसिक अस्पताल है। यहां झारखंड सहित अन्य राज्यों के मरीज इलाज कराने आते हैं। 3 माह पूर्व डॉ जयति सिमलाई को प्रभारी निदेशक बनाया गया। इसके बाद से व्‍यवस्‍था में बदलाव किया जा रहा है। इसके बाद से संस्थान के कई अधिकारी, कर्मचारी सहित स्थानीय नेता परेशान हैं। बताया जाता है कि उन्‍हें हटाने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है। दोपहर में हाफ वे होम में भर्ती मरीजों के खाना में 4 अगस्त को मिले मरे हुए चूहे को भी इसी का हिस्‍सा बताया जा रहा है। मरे चूहे की तस्‍वीर भी सोशल मीडिया के जरिए वायरल किया गया।

इसको लेकर रिनपास के प्रभारी निदेशक ने कांके थाना में आवेदन देकर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में कहा है कि साजिश के तहत संस्थान और संस्थान के प्रभारी निदेशक को बदनाम करने की नियत से खाना में सम्भवतः चूहा मार कर डाला गया। इसमें कई लोगों की मिलीभगत हो सकती है।

थाना को दिए आवेदन में कहा गया है कि हाफ वे होम पुरुष शाखा में कार्यरत कर्मियों द्वारा चूहा मरे हुए की सूचना निदेशक और पाकशाला प्रभारी को ना देकर इसे पहले सोशल मीडिया में वायरल किया गया। जब फोटो वायरल हुआ, तब इसकी सूचना मिली। तुरंत खाना मरीजों को परोसने से रोक दिया गया।

इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ विनोद कुमार महतो की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने मामले की जांच की। मृत चूहे के साबूत को रांची वेटनरी कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम से यह स्पष्ट हो गया है कि मरे हुए चूहे को खाना में मिलाया गया था। कांके थाना में प्रभारी निदेशक ने आवेदन दि‍या है। थाना प्रभारी बृजकुमार ने बताया कि आवेदन मिला है। इसकी जांच की जा रही है।

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