भगवान परशुराम की प्रतिमा के निर्माण में 25 लाख देगा झारखंड विप्र फाउंडेशन

झारखंड
Spread the love

रांची। अरुणाचल प्रदेश के लोहित नदी के किनारे चाइना बॉर्डर के पास परशुराम कुंड पर भगवान परशुराम की 51 फीट की पंच धातु से निर्मित मूर्ति स्‍थापित की जा रही है। विप्र फाउंडेशन और भारत सरकार के सहयोग से स्‍थापित प्रतिमा की लागत 51 करोड़ रुपये है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसका शिलान्‍यस किया था। यह जानकारी फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भरत राम तिवारी ने संगठन के झारखंड प्रदेश के सदस्यों को दी।

तिवारी ने बताया कि परशुराम कुंड ऐसा यात्रा धाम बनेगा, जहां पूरे देश से लोग आएंगे। सरकार की यहां शीघ्र ही रेल सेवा भी आरंभ करने की योजना है। बैठक में भगवान परशुराम की प्रतिमा निर्माण के लिए निधि एकत्रीकरण अभियान को गति देने पर चर्चा हुई। घर-घर जाकर राशि एकत्र करने का आह्वान किया गया।

तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 40 करोड़ रुपये कुंड के संरक्षण, संवर्धन के लिए आवंटित की है। फाउंडेशन भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करेगा। इसमें 11 करोड़ खर्च होंगे। यह योगदान सर्व समाज के आर्थिक सहयोग से पूर्ण होगा। फाउंडेशन की राष्ट्रीय समिति ने देश के सभी राज्यों को इस कार्य में सहयोग करने का आग्रह किया है। घर-घर 100 रुपये के योगदान की राशि भी सार्थक सिद्ध होगी।

विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भरत राम तिवारी की उपस्थिति में बैठक में शामिल लोगो ने मूर्ति स्थापना के योगदान में 5 लाख की राशि का सहयोग लिखाया। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को 1 लाख की राशि का चेक सदस्यों ने सौंपा। झारखंड विप्र फाउंडेसन जोन 6 के प्रदेश अध्यक्ष पवन शर्मा ने पूरे झारखंड से 25 लाख रुपये का सहयोग का लक्ष्य रखा।

कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री प्रमोद सारस्वत ने किया। धन्यवाद प्रदेश उपाध्यक्ष निरंजन शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष पवन शर्मा, अजय दधीच, जयप्रकाश शर्मा, प्रदीप शर्मा, निर्भय शंकर हरीत, रवि शंकर शर्मा, सुशील मटोलिया, बसंत कुमार, विद्याधर तिवारी, विजय शर्मा, संजय शर्मा, अशोक पुरोहित, राजेश कौशिक, शशांक भारद्वाज, सहित कई लोग उपस्तिथ थे।

झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्रवाल, अखिल भारत वर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के पूर्व उपाध्यक्ष विनय सरावगी, बसंत मित्तल, विनोद जैन ने भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का अंग वस्त्र देकर स्वागत किया।