तेज धूप, सूख रहे थे हलक, रूके नहीं कदम, फिर चेहरे पर दिखा सुकून

झारखंड
Spread the love

  • बनई नदी को पुर्नजीवित करने के लिए बनाया बोरीबांध बांध

खूंटी। चिलचिलाती धूप। वक्‍त दिन के 9 से 12 बजे के बीच का था। हलक सूख रहे थे, पर कदम रूके नहीं। यह दृश्‍य 23 अप्रैल को खूंटी के मुरहू प्रखंड की गानालोया पंचायत अंतर्गत मड़गांव में दिखा। यहां ग्रामसभाओं के सदस्य बनई नदी पुर्नजीवित करने और जल संरक्षण के लिए बोरीबांध बांध का निर्माण में जुटे थे। तेज धूप में सूख रहे हलक को नदी के बीच बालू में गड्ढ़ा खोदकर उसमें जमा पानी को पी तर कर रहे थे। फिर, बालू से भरे बोरों को उठाकर बांध बनाने में जुट जा रहे थे।

क्या बच्चे, क्या बूढ़े सबके चेहरे पर पानी और नदी को बचाने का जुनून था। गांव के पुरूषों ने बांध बनाया। महिलाओं ने नदी से 400 मीटर दूर पेड़ों के घने छांव के नीचे खाना पकाया। बांध बनने के बाद सारे गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन किया। बांध बनने के बाद एक अजब सा सुकून ग्रामीणों के चेहरे पर था।

बीडीओ ने हौसला अफजाई की

ग्रामीणों द्वारा जनशक्ति से जलशक्ति के तहत नदी बचाओ अभियान के क्रम में बोरीबांध बनाया गया। बता दें कि जिला प्रशासन सेवा वेलफेयर सोसाईटी और विभिन्न ग्रामसभाओं के संयुक्त प्रयास से यह अभियान चलाया जा रहा है। मड़गांव में बन रहे बोरीबांध में ग्रामीणों का हौसला अफजाई करने मुरहू के बीडीओ मिथलेश कुमार सिंह पहुंचे। ग्रामीणों के साथ मिलकर धूप में श्रमदान किया।

मौके पर उन्होंने कहा कि इस चिलचिलाती धूप में लोग घरों से छाता लेकर निकल रहे हैं। वहीं, मड़गांव के ग्रामीण धूप से बेपरवाह बोरीबांध बना रहे हैं। यह बेहद सराहनीय है। खूंटी जिले में हो रहे बोरीबांध निर्माण की प्रशंसा झारखंड के साथ केंद्रीय स्तर पर भी हो रही है। जलगुरू बनने की राह में खूंटी अग्रसर है। उन्होंने कहा कि बोरीबांध बनने से नदियों से अवैध बालू का उठाव रूकेगा। भूगर्भीय जलस्तर उपर आएगा। गांव के कुंए, तालाब, चापानल नहीं सूखेंगे।

25 एकड़ में कर सकते हैं खेती

मड़गांव के ग्राम प्रधान जुनस ढ़ोढ़राय और करमसिंह ढ़ोढ़राय ने कहा कि अगर हमें सोलर सिंचाई सिस्टम उपलब्ध करा दी जाय, तो हम गर्मी के मौसम में भी 25 एकड़ में खेती कर सकते हैं।

इन लोगों ने किया श्रमदान मुरहू के बीडीओ मिथलेश कुमार सिंह, ग्राम प्रधान जुनास ढोढ़राय, करम सिंह ढोढ़राय, सुशील सोय, एतवा ढोढ़राय, कृष्णा ढोढ़राय, सामु ढोढ़राय, बिरसा ढोढ़राय, सागर ढोढ़राय, सुमन ढोढ़राय, बुधुआ ढोढ़राय, गोगा ढोढ़राय, संदीप ढोढ़राय, बेनेदिक्त ढोढ़राय, सुमन ढोढ़राय, रवि ढोढ़राय, अल्बर्ट ढोढ़राय, सोमा ढोढ़राय, रॉकन ढोढ़राय, दास ढोढ़राय, सुमन ढोढ़राय, आयलिन ढोढ़राय, बिन्नी समद, कैरी ढोढ़राय समेत समस्त ग्राम सभा सदस्यों ने श्रमदान किया। श्रमदान करने में बच्चे और बुजुर्ग भी पीछे नहीं रहे।