नहीं रहीं गोस्सनर कॉलेज की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर शिशि बहा टोपनो

झारखंड
Spread the love

रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित गोस्सनर कॉलेज की पूर्व प्राचार्या प्रोफेसर शिशि बहा टोपनो नहीं रहीं। उनका निधन 23 सितंबर की सुबह हो गया। वे अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री से भरा पूरा परिवार छोड़ गईं। उनके निधन पर कॉलेज के सेमिनार हॉल में शोक सभा का आयोजन किया गया। कॉलेज परिवार की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

पूर्व प्राचार्या शिशि टोपनो हिंदी विभाग में 1971 से 1985 तक व्याख्याता के पद पर कार्यरत रहीं। वह 31 दिसंबर, 1985 से 31 दिसंबर, 1995 तक रीडर सह प्राचार्या के पद पर आसीन रहीं। श्रद्धांजलि सभा में बाइबल वचन की अगुवाई डॉ बिंदु बास्के और प्रार्थना की अगुवाई प्रोफेसर एसके मुर्मू ने की। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर एलानी पूर्ति ने कहा कि प्रोफेसर टोपनो कर्तव्यनिष्ठ, मृदुभाषी और विद्यार्थियों के लिए समर्पित रहीं। कॉलेज की स्थापना और नए भवन के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विज्ञान संकाय अध्यक्ष डॉ बीएन घोष ने अपना संस्मरण साझा करते हुए कहा कि कॉलेज के स्टाफ और शिक्षकों की मदद के लिए वह हर समय तत्पर रहीं। जरूरत पड़ने पर अपनी सैलरी भी देती थीं। राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विनय जॉन ने कहा कि पूर्व प्राचार्या कॉलेज, शिक्षक, विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहती थीं। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर एसके मुर्मू ने किया।

मौके पर प्रोफेसर आशा रानी केरकेट्टा, प्रवीण सुरीन, प्रोफेसर प्रमोद तिर्की, डॉ नीरजा ओझा, डॉ नीलिमा सिन्हा, प्रोफेसर विनय जॉन, डॉ योताम कुल्लू, डॉ श्यामलेश कुमार, महाविद्यालय के बड़ा बाबू विभव बाड़ा सहित तीनों संकाय के डीन, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी उपस्थित थे।