बिहार के पूर्वी चंपारण में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत से हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा कि अज्ञात बीमारी से तीन दिनों में एक-एक कर उनकी जान गई। लगातार हुई मौतों से आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को मोतिहारी पकड़ीदयाल मार्ग को थोड़ी देर के लिए जाम कर दिया।
हालांकि, मोतिहारी पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर के समझाने से जाम कुछ ही मिनटों के बाद समाप्त हो गया। मौके पर पहुंचे प्रभारी डॉक्टर श्रवण पासवान ने बताया कि आज दो बच्चों की मौत हुई है। तीन दिनों के भीतर पांच और पिछले छह महीने में इस परिवार के आठ सदस्यों की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि इस परिवार के घर के पीछे विशाल पेड़ था, जो छह महीने पहले गिरा दिया गया था। परिजनों ने उनसे बताया कि उसके बाद से मौत का सिलसिला शुरू हुआ है।
डॉक्टर ने बताया कि परिजन पेड़ के गिरने के बाद भूत-प्रेत का प्रकोप मानकर ओझा के पास गए और गांव के झोला छाप डॉक्टर से इलाज कराते थे। डॉ. श्रवण पासवान बताते हैं कि आज हुई दोनों मौत के शवों के नाक मुंह से झाग निकला था और एक शव के कान से खून निकल रहा था। जो सर्पदंश और जहर खाने की ओर इशारा करता है। पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। डॉक्टर श्रवण पासवान ने कहा कि महामारी विशेषज्ञ की टीम पूरे मामले की जांच कर मौत के कारणों को सुनिश्चित करेगी।
मृतकों के परिजन सीता देवी और सरिता देवी बताती हैं कि पेट दर्द के बाद गले में दर्द की शिकायत सभी को हुई और उसके साथ कुछ ही मिनटों में मौत हो जा रही है। मृत प्रियांश के पिता राकेश प्रसाद बताते हैं कि पिछले छह महीने में आठ लोगों की मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम कर निकले मोतिहारी सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक अनिल सिन्हा बताते हैं कि दोनों शवों के शरीर पर कहीं भी जख्म नहीं है, इसलिए मौत का सही कारण स्पष्ट नहीं हो रहा है। शवों के बिसरा को पटना फॉरेंसिक लैब में भेजा जा रहा है। लैब की रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण को स्पष्ट किया जा सकेगा।