संचालकों ने कहा, एक जुलाई से बस चलाने की अनुमति दे झारखंड सरकार

झारखंड बिज़नेस
Spread the love

रांची। स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के दौरान झारखंड में बस संचालन की छूट नहीं मिली है। इससे बस संचालकों के समक्ष उत्पन्न कठिनाईयों को लेकर 26 जून को चैंबर भवन में एक बैठक हुई। बस व्यवसायियों ने कहा कि पिछले वर्ष लगभग छह माह तक लॉकडाउन व इस वर्ष लगभग तीन माह से बसों का परिचालन बंद है। इसके कारण व्यवसायिक वाहन मालिक और इनसे रोजगार प्राप्त लोग आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।

बस संचालकों ने कहा कि टायर, डीजल, मोबिल, मोटर पार्टस, चेचिस की दरों में बेतहाशा वृद्धि के कारण भी परिवहन व्यवसाय की स्थिति दयनीय है। यह आग्रह किया गया कि अब जब राज्य में सभी आर्थिक गतिविधियों को संचालन की अनुमति दे दी गई है। ऐसे में 1 जुलाई से राज्य में बसों को 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी जाय। यह भी कहा गया कि अप्रैल, मई एवं जून 2021 (तीन माह) का रोड टैक्स माफी की स्वीकृति के साथ ही इंश्योरेंस की ईएमआई की अवधि विस्तार के लिए उडीसा सरकार की तर्ज पर झारखंड सरकार द्वारा भी केंद्र सरकार को पत्र भेजे।

बस संचालकों की कठिनाई को देखते हुए चैंबर उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा वाहनों के विभिन्न दस्तावेजों यथा-ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस, पंजीकरण प्रमाण पत्र, परमिट सहित अन्य जिनकी अवधि समाप्त हो चुकी है, उसकी वैद्यता अवधि 30 सितंबर, 2021 तक विस्तारित की गई है। झारखंड में भी इस नियम को प्रभावी करना जरूरी है। 

बैठक में चैंबर उपाध्यक्ष किशोर मंत्री, बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सच्चिदानंद सिंह, चैंबर के रोड ट्रांसपोर्ट उप समिति चेयरमेन अरूण साबू, मनीष सिंह, अनिस बुधिया, चंचल चटर्जी समेत अन्य लोग उपस्थित थे।